

High Blood Pressure During Pregnancy: गर्भावस्था के दौरान शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को ही खास देखभाल की जरूरत होती है। गर्भावस्था के दौरान कई बार ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, गर्भावस्था में ब्लड प्रेशर (बीपी) बढ़ना मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए।
प्री-एक्लेम्पसिया गर्भावस्था के 20 सप्ताह बाद होने वाली एक गंभीर समस्या है, जिसमें बीपी बढ़ जाता है और किडनी, लिवर जैसे अंग प्रभावित होते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर मां और बच्चे दोनों के लिए खतरा बढ़ सकता है। वहीं प्री-एक्लेम्पसिया की अगली स्टेज को एक्लेम्पसिया कहा जाता है। सरल शब्दों में कहें तो अगर प्री-एक्लेम्पसिया से ग्रसित किसी महिला को दौरे पड़ने लगते हैं, तो इस स्थिति को फिर एक्लेम्पसिया कहा जाता है।
गर्भावस्था में अपने स्वास्थ्य को सही रखने के लिए नियमित रूप से जांच कराना बेहद जरूरी है। इसलिए याद रहे कि समय पर जांच और सही इलाज से बढ़े हुए बीपी और प्री-एक्लेम्पसिया के जोखिम को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।