

Benefits of Asparagus herb: 1 अगस्त से विश्व स्तनपान सप्ताह ( World Breastfeeding Week 2025) की शुरूआत हो गई है। यह सप्ताह नई माताओं को स्तनपान की अहमियत और जरूरी बातों को समझाने के लिए मनाया जाता है। मां का दूध, बच्चों के लिए अमृत के समान होता है तो वहीं पर बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास इससे ही होता है। नई माता और शिशु के लिए पौष्टिक आहार जरूरी होता है जिसका नियम के अनुसार सेवन करना चाहिए।
वैसे तो मां के लिए पौष्टिक आहार वाला खानपान बेहतर होता है लेकिन कुछ जड़ी-बूटी का सेवन करने से शरीर को फायदा मिलता है। आज हम आपको शतावरी जड़ी-बूटी के सेवन से मिलने वाले फायदों के बारे में बताएंगे जो माता और शिशु दोनों की सेहत के लिए बेहतर औषधि होता है चलिए जानते हैं इसके बारे में...
भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा इस जड़ी-बूटी शतावरी का खास बताया गया है। मंत्रालय ने बताया कि, " शतावरी (सतावर) स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए एक प्रभावी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। भारत और पाकिस्तान में जंगली रूप से उगने वाली यह शीतल गुणों वाली जड़ी-बूटी न केवल माताओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है, बल्कि शिशु के लिए भी फायदेमंद होती है। इस खास औषधि सतावर की जड़ें प्रजनन स्वास्थ्य, शक्ति और समग्र कल्याण को बेहतर बनाने में सहायक हैं। इस शतावरी जड़ी- बूटी का सेवन करने की बात कही जाती है।
यहां पर आयुर्वेद में खास जड़ी-बूटी शतावरी की बात करें तो, यह 'शतावरी' एक बहुवर्षीय पौधा है, जिसकी जड़ें औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। 'शतावरी' का अर्थ है 'सौ रोगों का नाश करने वाली।' यह जड़ी-बूटी मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों, दक्षिण भारत और अन्य उप-उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाई जाती है। शतावरी जड़ी बूटी का सेवन आप आसान तरीके से कर सकते है। इसके लिए आप चूर्ण, कैप्सूल, काढ़ा या दूध के साथ सेवन कर सकते है। बताया जाता है। काढ़े के लिए, शतावरी की जड़ को पानी में उबालकर सेवन किया जाता है। हालांकि, इसका सेवन आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर करना चाहिए, क्योंकि खुराक व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करती है। गर्भवती या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाली महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
मां और शिशु के लिए शतावरी जड़ी-बूटी का सेवन करने के फायदे होते है जिसके बारे में जानना जरूरी है।
1- स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए शतावरी जड़ी-बूटी का सेवन करना सही माना जाता है। यह जड़ी-बूटी गैलेक्टागॉग (दूध उत्पादन बढ़ाने वाली) जड़ी-बूटी के रूप में कार्य करती है, जो दूध की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाती है।
2- शतावरी जड़ी-बूटी का सेवन करने से माताओं को शक्ति, स्फूर्ति और एनर्जी मिलती है। प्रसव के बाद महिला को कमजोरी और थकान होती है इसे दूर करने के लिए जड़ी-बूटी का सेवन करना चाहिए।
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3- सतावर श्वेत प्रदर, अनियमित मासिक धर्म और पीठ दर्द जैसी समस्याओं को भी खत्म करने में मदद करती है।
4- इसके शीतल गुण तनाव और चिंता को कम करने में मदद करते हैं, जो मां और शिशु दोनों के लिए लाभकारी है।
5-आधुनिक शोध भी सतावर के गैलेक्टागॉग और एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों की पुष्टि करते हैं।
आईएएनएस के मुताबिक