HbA1c Test: 3 महीने की औसत ब्लड शुगर बताता है यह टेस्ट, जानें कब और क्यों कराना चाहिए

HbA1c Test for Diabetes: HbA1c टेस्ट डायबिटीज और प्री-डायबिटीज की पहचान करके ब्लड शुगर के बारे में बताता है। जिससे भविष्य में होने वाले जोखिमों का पता चल सके और डॉक्टर से उचित परामर्श लिया जा सके।
hba1c test normal range diabetes blood sugar monitoring
डायबिटीज टेस्ट (फोटो.सोशल मीडिया)
Updated on

HbA1c Test Explained: HbA1c टेस्ट ग्लाइकेटेड या ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन का टेस्ट होता है। इस टेस्ट में पिछले 3 महीनों के औसत ब्लड शुगर लेवल को चेक किया जाता है। जिस भी व्यक्ति को डायबिटीज है, यह टेस्ट उन सभी के लिए रूरी है। इस टेस्ट को ग्लाइको हीमोग्लोबिन टेस्ट, ए1सी टेस्ट या ए1सी भी कहा जाता हैं।

क्या होता है हीमोग्लोबिन

हीमोग्लोबिन रेड ब्लड सेल्स में मौजूद प्रोटीन है, जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। ब्लड में मौजूद शुगर या ग्लूकोज एक प्रकार के हीमोग्लोबिन के साथ मिल जाते हैं और इससे बने संयोजन अणु को ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन कहा जाता है।

एक रेड ब्लड सेल 120 दिन या 4 महीने तक जीवित रहता है। इसे जांचने के लिए ही डायबिटीज के मरीजों का 2-3 महीनों का ब्लड शुगर लेवल चेक किया जाता है।

HbA1c टेस्ट का महत्व

डायबिटीज के ज्यादातर मरीज डायबिटीज़ को नियंत्रण में रखने के लिए नियमित रूप से फास्टिंग और खाना खाने के बाद ब्लड शुगर चेक करते हैं, लेकिन केवल इतना ही काफी नहीं होता है।

हालांकि यह आदत फास्टिंग और खाना खाने के बाद ब्लड ग्लूकोज की ट्रैकिंग में मदद करता है, जो कि जरूरी है, लेकिन यह केवल एक निश्चित समय का ही ब्लड शुगर लेवल बताता है। जैसे- बीती रात आपने क्या खाया था इसके आधार पर आपकी टेस्ट रिपोर्ट अलग हो सकती है। HbA1c टेस्ट 3 महीने का डेटा होता है, जो कि डायबिटीज लेवल के बारे में बताता है। यदि HbA1c कम होता है, तो इसका मतलब है डायबिटीज से होने वाले जोखिम भी कम होंगे।

HbA1c का नंबर से यह भी पता चलता है कि डायबिटीज कितना कंट्रोल में है। दूसरी ओर डायबिटीज वाले या नॉन-डायबिटीज वाले सभी लोगों में हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के लिए बढ़े हुए HbA1c को रिस्क फैक्टर के तौर पर देखा जाता है।

HbA1c टेस्ट क्यों जरूरी है

HbA1c टेस्ट डायग्नोज करने और मॉनिटर करने के उद्देश्य से किया जाता है। प्री-डायबिटीज, बॉर्डरलाइन डायबिटीज वाले लोगों को भी यह टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है ताकि पता चल सके कि उनका ब्लड शुगर लेवल कितना स्टेबल है।

कब कराना चाहिए यह टेस्ट

सामान्य तौर पर, डायबिटीज और प्री-डायबिटीज वाले लोगों को हर 3 महीने में यह टेस्ट करवा लेना चाहिए। अगर आप स्वस्थ हैं लेकिन आपके परिवार में डायबिटीज की हिस्ट्री है या आपको लगता है कि आपके लाइफस्टाइल के कारण आपको डायबिटीज हो सकता है, तो आपको हर 6 महीने में यह टेस्ट करवाना चाहिए।

इस टेस्ट के रिजल्ट पर कई कारक निर्भर करते हैं, जैसे-

  • लिवर का रोग
  • किडनी का रोग
  • हाल ही में हुस ब्लड लॉस
  • आयरन का लो लेवल
  • ब्लड रिलेटेड समस्या

HbA1c टेस्ट कब कराएं

फास्टिंग या खाना खाने के बाद का ब्लड शुगर टेस्ट की तरह ही HbA1c टेस्ट के लिए किसी भी तरह की फास्टिंग की ज़रुरत नहीं होती है। आप दिन में किसी भी समय टेस्ट के लिए सैंपल दे सकते हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com