

Raw Green Walnut Benefits: अखरोट आपने कई बार खाया होगा, लेकिन क्या आपने ग्रीन वॉलनट यानी कच्चा या अधपका अखरोट देखा है? बाहर से हरे छिलके वाला यह अखरोट पूरी तरह पकने से पहले तोड़ा जाता है। पका हुआ अखरोट हरे अखरोट से अलग होता है।
इसका स्वाद सामान्य अखरोट से अलग, थोड़ा कसैला और फ्रेश होता है। ग्रीन वॉलनट में पॉलीफेनॉल, एंटीऑक्सीडेंट और दूसरे बायोएक्टिव कंपाउंड्स मौजूद होते हैं।
ग्रीन वॉलनट में कई तरह के पॉलीफेनॉल पाए जाते हैं। ये कंपाउंड शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं। कच्चे अखरोट में पकने के साथ पॉलीफेनॉल की मात्रा बदल जाती है।
ग्रीन वॉलनट में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं। सामान्य अखरोट पर हुई रिसर्च में इसके सेवन से लिपिड प्रोफाइल बेहतर होने का पता चलता है।
अखरोट के अलग-अलग हिस्सों में पॉलीफेनॉल और दूसरे बायोएक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं। खासतौर पर अखरोट के छिलके और हरे हिस्से में भी ऐसे कंपाउंड मौजूद होते हैं।
ग्रीन वॉलनट में फैटी एसिड, विटामिन, मिनरल और दूसरे बायोएक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं। 2024 की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि इसमें पोषण भरपूर मात्रा में होता है।
ग्रीन वॉलनट को कई जगह अचार, मिठाइयों और दूसरे पारंपरिक खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किया जाता है। इसे खाने से पहले देखना जरूरी है कि फल खाने योग्य हो और अच्छी तरह साफ किया गया हो। इसके हरे छिलके को बिना जानकारी के सीधे खाने या घरेलू औषधि की तरह इस्तेमाल न करें।
बता दें कि फ्रेश हरे अखरोट तब तोड़े जाते हैं, जब उनका बाहरी छिलका भी फ्रेश होता है और अंदरूनी छिलका अभी भी नरम होता है। इस अवस्था में अखरोट में नमी अधिक होती है और अखरोट की गिरी नरम, मलाईदार और स्वाद में हल्की होती है, लेकिन यह बहुत जल्दी खराब हो जाता है।