

Eye Health Care Tips: कई बार आंखों में भी अक्सर जलन, लाली या खुजली रहती है। अगर आप इसे महज थकान या धूल-मिट्टी का असर समझकर नजरअंदाज कर रहे हैं तो सावधान होने की जरूरत है। जानकारी के अनुसार आंखों की नाजुक परत बेहद संवेदनशील होती है और समय पर इलाज न मिलने से यह गंभीर संक्रमण या दृष्टि हानि का कारण बन सकती है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारा अधिकांश समय मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन के सामने बीतता है। इसके साथ ही बदलता मौसम, धूल, धुआं और बढ़ता प्रदूषण आंखों की सेहत पर सीधा प्रहार कर रहे हैं। ये सभी कारक मिलकर आंखों में ड्राईनेस (सूखापन), खुजली और लगातार जलन जैसी समस्याएं पैदा करते हैं। अक्सर लोग इसे कॉमन समझकर घरेलू नुस्खे अपनाते हैं जो कभी-कभी स्थिति को और बिगाड़ देते हैं।
आंखों में होने वाली समस्या के दो मुख्य कारण हैं एलर्जी और इन्फेक्शन।
एलर्जी: इसमें आंखें लाल हो जाती हैं पानी आता है और तेज खुजली होती है।
इन्फेक्शन: इसके कारण आंखों में दर्द, सूजन और चुभन महसूस होती है।
अगर आपको आंखों में कुछ दिनों तक लगातार जलन बनी रहे तो यह कॉर्निया (आंखों की सुरक्षा परत) को नुकसान पहुंचा सकती है।
आंखों में खुजली होने पर सबसे पहली प्रतिक्रिया उसे रगड़ने की होती है जो कि सबसे ज्यादा खतरनाक है। आंखों को जोर से रगड़ने से कॉर्निया पर खरोंच आ सकती है।
आंखों की रोशनी लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए केवल बाहरी सुरक्षा काफी नहीं है। आहार में विटामिन ए और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें (जैसे गाजर, पालक, मछली और नट्स) शामिल करें। साथ ही शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं। डिजिटल स्क्रीन का उपयोग करते समय हर 20 मिनट में ब्रेक लेने की आदत डालें।
अगर साधारण सफाई और आराम के बावजूद 2-3 दिनों में समस्या ठीक नहीं होती तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें। बाजार में मिलने वाले स्टेरॉयड युक्त ड्रॉप्स का बिना सलाह इस्तेमाल मोतियाबिंद या ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारियों को दावत दे सकता है। समय पर की गई जांच ही आपकी अनमोल आंखों का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।