Mental Wellness Tips: छोटे-छोटे बदलाव जो देंगे आपको मानसिक सुकून, जानें क्या है डिप्रेशन का 7B फॉर्मूला

Ways To Reduce Depression: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव के कारण डिप्रेशन और मानसिक थकान की समस्या आम होती जा रही है। इसके लिए 7बी फॉर्मूला अपनाया जा सकता है।
Depression 7B Formula For Mental Wellness
मेडिटेशन करते हुए व्यक्ति (सौ. एआई)
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Mental Peace Tips: मानसिक स्वास्थ्य आज के समय में शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण हो गया है। जब मन की शांति छिन जाती है तो इसका असर हमारी पूरी कार्यक्षमता पर पड़ता है। विशेषज्ञों और नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार अपनी दिनचर्या में 7B फॉर्मूले को शामिल करके आप डिप्रेशन के लक्षणों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

बिल्ड अ डेली रूटीन

अव्यवस्थित जीवन तनाव को जन्म देता है। एक संरचित दिनचर्या आपके मस्तिष्क को स्थिरता का संकेत देती है। समय पर उठना, खाना और सोना—ये सुनने में साधारण लग सकते हैं लेकिन ये अनुशासन आपके मन को भटकने से रोकता है और डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

ब्रीदिंग इन फ्रेश एयर

प्रकृति सबसे बड़ी चिकित्सक है। रोजाना सुबह या शाम ताजी हवा में टहलना आपके शरीर में एंडोर्फिन्स यानी हैप्पी हार्मोन्स को रिलीज करता है। प्राकृतिक रोशनी और खुली हवा आपके मूड को तुरंत बूस्ट करने की ताकत रखती है।

बैलेंस डाइट

आप जो खाते हैं, उसका सीधा असर आपके दिमाग पर पड़ता है। जंक फूड और अत्यधिक चीनी आपके मूड में उतार-चढ़ाव पैदा करते हैं। इसकी जगह फल, सब्जियां, साबुत अनाज और नट्स शामिल करें। संतुलित आहार और पर्याप्त पानी आपके मानसिक ऊर्जा स्तर को बनाए रखता है।

बी क्रिएटिव

नकारात्मक विचारों का सबसे बड़ा दुश्मन व्यस्त दिमाग है। पेंटिंग, लिखना, संगीत या बागवानी जैसी कोई भी हॉबी अपनाएं। जब आप कुछ नया सृजन करते हैं तो दिमाग में डोपामाइन का स्तर बढ़ता है जो आपको खुशी और संतुष्टि का अहसास कराता है।

बेंड एंड बैलेंस

योग केवल शरीर को लचीला बनाने के लिए नहीं बल्कि मन को संतुलित करने के लिए भी है। योगासन और प्राणायाम तनाव को कम करते हैं और तंत्रिका तंत्र को शांत रखते हैं। यह आपको वर्तमान क्षण में जीना सिखाता है।

बेड टाइम

नींद की कमी डिप्रेशन का सबसे बड़ा कारण और लक्षण दोनों है। रोजाना कम से कम 8 घंटे की गहरी नींद लें। रात को जल्दी सोने की आदत डालें और सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन से दूरी बना लें।

बिलीव इन पॉजिटिव थिंकिंग

अपनी सोच की दिशा बदलें। हर दिन उन चीजों की लिस्ट बनाएं जिनके लिए आप आभारी हैं। सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताएं और अपनी भावनाओं को साझा करने में संकोच न करें। खुद पर विश्वास रखें कि यह दौर भी गुजर जाएगा।

ये आदतें प्रारंभिक और मध्यम स्तर के डिप्रेशन में बहुत प्रभावी हैं। हालांकि यदि स्थिति गंभीर है और मन में आत्मघाती विचार आ रहे हैं तो तुरंत किसी पेशेवर काउंसलर या डॉक्टर से संपर्क करें।

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