योग नहीं कर पा रहे? बस 5 मिनट की गहरी सांस से पाएं मानसिक शांति और ऊर्जा, मिलेगा फायदा

Benefits Of Deep Breathing: गहरी सांस लेने से तनाव कम होता है, फोकस बढ़ता है और नींद बेहतर होती है। जानें गहरी सांस के मानसिक और शारीरिक फायदे और इसे सही तरीके से कैसे करें।
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गहरी सांस (सौ. डिजाइन फोटो)
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Deep Breathing Excercise:   स्वस्थ जीवन के लिए सांस का बेहतर होना बेहद जरूरी होता है। तनाव और व्यवस्तता की वजह से हर किसी सांस सामान्य नहीं रहती है। शांत मन और स्वस्थ शरीर के लिए आप सामान्य सांस लेते है तो सही है लेकिन इसमें किसी तरह की गड़बड़ी आती है तो यह सही नहीं होता है। आयुर्वेद ऐसी स्थिति में छोटी-छोटी आदतों से बड़ा फर्क लाने की सलाह देता है। इनमें सबसे आसान और प्रभावी है गहरी सांस लेना।

आयुर्वेद इसे प्राणायाम का मूल आधार मानता है। गहरी सांस लेने से हर व्यक्ति का तनाव और परेशानी हल हो जाती है।गहरी सांस, प्राण (जीवन ऊर्जा) को नियंत्रित कर शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करती है। रोजाना कुछ मिनट गहरी सांस लेने से तीनों दोष (वात, पित्त, कफ) संतुलित होते हैं, तनाव कम होता है और जीवन में शांति के साथ ऊर्जा बढ़ती है।

जानिए गहरी सांस लेना क्यों है जरूरी

यहां पर हेल्थ एक्सपर्ट बताते है कि, सांस लेने के दौरान कई बातों का ध्यान देना जरूरी है। ज्यादातर लोग छाती से उथली सांस लेते हैं, जो तनाव, चिंता और बैलेंस नहीं बन पाने का कारण बनती है। आयुर्वेद के अनुसार सांस वात दोष को बढ़ाती है और मन को बेचैन रखती है। गहरी सांस (पेट तक) लेने से पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है, जो शरीर को 'आराम और पुनर्स्थापना' मोड में ले जाता है। यह प्राण को बेहतर प्रवाह देता है, ऑक्सीजन बढ़ाता है और पूरे शरीर को पोषण पहुंचाता है। इसके लिए आपको करीबन सुबह उठकर या दिन में 5-10 मिनट बैठकर, नाक से धीरे पेट फुलाकर सांस अंदर लें (4-6 सेकंड), 2-4 सेकंड रोकें, फिर धीरे बाहर छोड़ें (6-8 सेकंड)। इसे 10-20 बार दोहराएं।

जानिए गहरी सांस लेने के फायदे

यहां पर अगर आप गहरी सांस लेते है तो आपके शरीर को कई तरह के फायदे मिलते है। इसे करने से तनाव और चिंता कम होती है। कोर्टिसोल हार्मोन घटता है, मन शांत होता है और भावनात्मक संतुलन आता है। इसके अलावा गहरी सांस लेने से एकाग्रता बढ़ती है तो वहीं पर क्रोध या गुस्सा भी नियंत्रण में रहता है। इसके अलावा सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए आप रोजाना कुछ सेकंड के लिए गहरी सांस लेना चाहिए।गहरी सांस से पाचन क्रिया में सुधार होता है। डायफ्राम की मसाज से अग्नि तेज होती है। कब्ज, गैस और अपच दूर होती है। इसके अभ्यास से इम्युनिटी मजबूत होती है और बेहतर ऑक्सीजनेशन से पूरा शरीर डिटॉक्स होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

इससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है। हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहते हैं। अनिद्रा की समस्या दूर होती है और थकान कम होती है। इससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है। सांस संबंधी समस्याएं कम होती हैं। गहरी सांस एकाग्रता बढ़ाती है, क्रोध नियंत्रित करती है और सकारात्मक सोच लाती है। आयुर्वेद में इसे वात दोष को शांत करने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है, जो आज के तनावपूर्ण जीवन में बहुत जरूरी है।

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