

कुछ मिनट की शारीरिक गतिविधि भी लंबे समय तक बैठे रहने के नुकसान को कम करती है।
4 मिनट में मार्चिंग, चेयर स्क्वैट्स, वॉल पुशअप्स और काफ रेज जैसी एक्सरसाइज कर सकते हैं।
सिर्फ एक बार 4 मिनट वर्कआउट करना पूरी फिटनेस जरूरत को पूरा नहीं करता है।
Short Workout Benefits: आजकल की लाइफस्टाइल बिजी है और इसी वजह से कई लोग चाहकर भी रोजाना वर्कआउट के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं। सुबह ऑफिस की तैयारी, दिनभर काम और शाम को घर की जिम्मेदारियों के बीच जिम या लंबी वॉक करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में 4 मिनट वर्कआउट यानी दिन में कुछ मिनट की एक्सरसाइज एक आसान शुरुआत हो सकती है।
एक्सरसाइज के लिए हमेशा एक साथ 30-40 मिनट निकालना जरूरी नहीं है। रिसर्च बताती है कि दिनभर में छोटे-छोटे हिस्सों में की गई फिजिकल एक्टिविटी भी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती है। इसे एक्सरसाइज स्नैक कहा जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रोजाना सिर्फ एक बार 4 मिनट वर्कआउट करने से शरीर की फिटनेस नीड पूरी हो जाएगी।
कम समय की एक्सरसाइज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत कम हो जाती है। बीच-बीच में उठकर चलना, सीढ़ियां चढ़ना या कुछ मिनट हल्की एक्सरसाइज करना शरीर को एक्टिव रखने में मदद करता है।
दिनभर में कई बार किए गए छोटे एक्सरसाइज सेशन से कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस, मांसपेशियों और ब्लड शुगर कंट्रोल में सुधार देखा गया है। लेकिन ध्यान रखें कि फायदा एक्सरसाइज के प्रकार, उसकी इंटेंसिटी, रेगुलेरिटी और दिनभर की कुल एक्टिविटी पर निर्भर करता है।
एक ही जगह खड़े होकर बारी-बारी से घुटनों को ऊपर उठाएं और हाथों को भी चलाएं। शुरुआत धीमी गति से करें और धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाएं। इससे शरीर गर्म होता है और हार्ट रेट धीरे-धीरे बढ़ता है।
एक कुर्सी के सामने खड़ी हों। पैरों को कंधों की चौड़ाई जितना खोलें। अब धीरे-धीरे कूल्हों को पीछे ले जाते हुए कुर्सी पर बैठें और फिर खड़ी हो जाएं। यह एक्सरसाइज जांघों और ग्लूट्स की मांसपेशियों को एक्टिव करता है।
दीवार से लगभग एक हाथ की दूरी पर खड़ी हों। दोनों हथेलियां कंधों की ऊंचाई पर दीवार पर रखें। अब कोहनियां मोड़कर छाती को दीवार की ओर ले जाएं और फिर हाथों से धक्का देकर वापस आएं। इससे छाती, कंधे और हाथों की मांसपेशियों मजबूत होती है।
सीधे खड़ी होकर धीरे-धीरे एड़ियां ऊपर उठाएं और पंजों पर आएं। फिर एड़ियों को वापस नीचे रखें। इससे पिंडलियों की मांसपेशियां मजबूत होती है। जरूरत पड़ने पर कुर्सी या दीवार का सहारा लें। हर एक्सरसाइज के बाद 20 सेकंड आराम करने पर कुल समय 4 मिनट होगा। शुरुआत में अपनी क्षमता के अनुसार परफॉर्म करें।
अगर आपका ज्यादातर समय बैठकर गुजरता है तो हर 30-60 मिनट में उठकर थोड़ा चलना या हल्की एक्टिविटी करना अच्छा तरीका है। इसके अलावा दिन में 2-3 बार 4 मिनट के छोटे वर्कआउट सेशन अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकती हैं। उदाहरण के लिए सुबह नाश्ते से पहले, दोपहर में काम के बीच और शाम को घर लौटने के बाद कुछ मिनट के लिए किया जा सकता है।
4 मिनट की एक्सरसाइज एक अच्छी शुरुआत और दिनभर की एक्टिविटी बढ़ाने का तरीका है, लेकिन यह नियमित वॉक, कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का विकल्प नहीं है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150-300 मिनट की मीडियम इंटेंसिटी वाली वर्कआउट या 75-150 मिनट की फास्ट इंटेंसिटी वाली वर्कआउट करनी चाहिए।