

Puran Poli Recipe in Hindi: महाराष्ट्र की पारंपरिक पूरन पोली मीठी स्टफ्ड रोटी है, जिसमें चना दाल और गुड़ से तैयार किए गए खुशबूदार पूरन की फिलिंग होती है। महाराष्ट्र में इसे खासतौर पर त्योहारों और शुभ अवसरों पर बनाया जाता है। अच्छी पूरन पोली की खासियत है कि इसका बाहरी हिस्सा मुलायम रहे और अंदर की फिलिंग न ज्यादा गीली हो, न बहुत सख्त।
जानिए बिना फटे अच्छी और स्वादिष्ट पूरन पोली बनाने की विधि।
1 कप चना दाल
1 से 1¼ कप गुड़, कद्दूकस किया हुआ
¼ टीस्पून हल्दी
¼ टीस्पून नमक
1-2 टीस्पून घी
½ टीस्पून इलायची पाउडर
¼ टीस्पून जायफल पाउडर
½-1 टीस्पून सौंफ पाउडर
½ टीस्पून सोंठ पाउडर, वैकल्पिक
3 कप पानी
महाराष्ट्रीयन शैली में चना दाल-गुड़ के पूरन में इलायची, जायफल, सौंफ और सोंठ जैसे मसाले डाले जाते हैं, जिससे बहुत अच्छी खुशबू आती है।
2 कप गेहूं का आटा
½ कप मैदा
¼ टीस्पून हल्दी, ऑप्शनल
¼ टीस्पून नमक
पानी, जरूरत के अनुसार
2-3 टीस्पून तेल या घी
घी, जरूरत के अनुसार
थोड़ा सूखा आटा, बेलने के लिए
चना दाल को अच्छी तरह धोकर 2-3 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। अगर समय कम है, तो इसे गुनगुने पानी में कम से कम 30-60 मिनट के लिए जरूर भिगोए। इसके बाद पानी निकालकर दाल को कुकर में डालें।
चना दाल में लगभग 3 कप पानी, हल्दी और थोड़ा नमक डालकर मध्यम आंच पर पकाएं। दाल इतनी नरम होनी चाहिए कि आसानी से मैश हो जाए। दाल पकने के बाद उसका अतिरिक्त पानी तुरंत अलग कर लें।
एक कड़ाही में 1-2 टीस्पून घी गर्म करें। इसमें इलायची, जायफल, सौंफ और चाहें तो सोंठ पाउडर डालकर कुछ सेकंड धीमी आंच पर भूनें। अब इसमें पकी हुई चना दाल और गुड़ डालें।
धीमी-मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं। गुड़ पिघलने के बाद मिश्रण कुछ समय के लिए पतला दिखाई देगा, लेकिन पकने के साथ यह दोबारा गाढ़ा होता जाएगा।
जब मिश्रण इतना गाढ़ा हो जाए कि कड़ाही में चलाने पर एक साथ इकट्ठा होने लगे और हाथ से आसानी से गोला बनाया जा सके, तब गैस बंद कर दें। अब इसे ठंडा होने दें।
ठंडे पूरन को अच्छी तरह मैश करें। अगर आपके पास पूरन छलनी है, तो इससे दाल का मिश्रण बहुत स्मूद हो जाता है। मिक्सर में भी इसे पीसा जा सकता है। पूरन जितना स्मूद होगा, पूरन पोली बेलना उतना ही आसान होगा। दाल के बड़े दाने रह जाने पर बेलते समय पोली फट सकती है।
एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, मैदा, नमक और हल्दी डालें। धीरे-धीरे पानी डालकर नरम आटा गूंथें। इसमें तेल या घी डालकर कुछ मिनट अच्छी तरह मसलें। आटा सामान्य रोटी के आटे से थोड़ा ज्यादा नरम और लचीला होना चाहिए। इसे ढककर कम से कम 20-30 मिनट के लिए रेस्ट दें।
आटे की लोई बनाएं और उसे हल्का-सा चपटा करें। बीच में पूरन की लोई रखें और आटे को चारों तरफ से उठाकर स्टफिंग को पूरी तरह बंद कर दें। अब इसे हल्के हाथ से दबाकर चपटा करें। थोड़ा सूखा आटा लगाकर धीरे-धीरे बेलें। यहां जल्दबाजी न करें। बेलन को बहुत जोर से दबाने पर पूरन बाहर निकल सकता है।
तवा अच्छी तरह गर्म करें और उस पर बेली हुई पूरन पोली डालें। एक तरफ हल्के सुनहरे निशान आने लगें तो पलट दें। दूसरी तरफ भी पकाएं और फिर दोनों तरफ थोड़ा घी लगाकर सेंकें। पूरन पोली को तब तक सेंकें जब तक दोनों तरफ हल्के सुनहरे धब्बे दिखाई देने लगें और पोली अच्छी तरह पक जाए। गरमागरम पूरन पोली पर थोड़ा घी डालकर सर्व करें। गरम पूरन पोली को घी, दूध या दही के साथ परोसा जा सकता है।
दाल पकने के बाद अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निकालना बहुत जरूरी है।
बहुत गर्म स्टफिंग आटे को नरम कर सकती है और बेलते समय फटने का खतरा बढ़ जाता है।
स्टफिंग और आटे की लोई लगभग बराबर रखें। इससे पोली में अच्छी मात्रा में पूरन आएगा और वह आसानी से फूलेगी।
पूरन को बहुत ज्यादा न पकाएं। हल्का नरम और आकार पकड़ने वाला मिश्रण सबसे अच्छा रहता है। ज्यादा पकाने पर यह सख्त हो सकता है।
आटा नरम रखें। पूरन पोली के लिए कड़ा आटा गूंथने से बेलते समय यह फट जाता है।
बेलते समय ज्यादा दबाव न डालें। हल्के हाथ से सेंटर से बाहर की ओर बेलें।
घी लगाने में कंजूसी न करें। सेंकते समय थोड़ा घी लगाने से पोली का स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर होते हैं।