

Dal Side Effects In Uric Acid: आज हाई यूरिक एसिड एक आम समस्या बनती जा रही है, जिसका मुख्य वजह खराब खानपान, कम शारीरिक गतिविधि, पानी की कमी, और बढ़ते वजन को बताया जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार,यूरिक एसिड से ग्रसित मरीज को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना पड़ता है। जैसे एड़ी, टखने, घुटनों और हाथ की उंगलियों में तेज दर्द होता है, जिसे झेल पाना मुश्किल हो जाता है।
यूरिक एसिड के मरीज को खाने में दाल, सब्जी, फल और अनाज का इस्तेमाल सोच समझकर करना चाहिए। कई बार ज्यादा दाल खाने से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने लगता है।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स के अनुसार, यूरिक एसिड के मरीज के लिए मूंग दाल आमतौर अच्छी मानी जाती है। ये दूसरी दालों की तुलना में आसानी से पच जाती है और हल्की होती है। मूंग दाल में प्यूरीन की मात्रा कम होने की वजह से आप इसे खा सकते हैं और इससे यूरिक एसिड का स्तर और बढ़ने का खतरा कम हो जाता है। दाल को खाने से पहले आपको इसे 1-2 घंटे के लिए भिगोकर रखना चाहिए। इससे दाल को पचाना आसान हो जाता है। इसके अलावा लाल मसूर में भी प्यूरीन की मात्रा मीडियम होती है। आप इसका भी सेवन कर सकते हैं। ध्यान रखें दाल को अच्छा गलने तक पकाएं और उसमें हल्का तड़का लगाकर खाने में इस्तेमाल करें।
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जिन लोगों की हाई यूरिक एसिडी की समस्या है उन्हें खाने में हाई प्यूरिन वाली चीजों से बचना चाहिए। ऐसे लोगों को चना दाल, अरहर दाल, मटर की दाल का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे नुकसान होता है और दर्द की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा हाई प्रोटीन वाली चीजें जैसे राजमा, छोले और काले चने का सेवन भी कम से कम करना चाहिए। इन दालों में प्यूरीन अधिक होने से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने लगता है।
एक्सपर्ट्स बताते है कि,यूरिक एसिड से छुटकारा पाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। खाने में खाने में पालक, टमाटर, बीज वाली चीजों का सेवन कम करें। ज्यादा मीठे ड्रिंक और मिठाई या दूसरी चीजें न खाएं।
फलियों का सेवन न करें। शराब, तला हुआ खाना और नॉनवेज ज्यादा न खाएं। इसकी बजाय खाने को क्विनोआ और चावल के साथ बैलेंस करें। ये पाचन के लिए अच्छे होते हैं। मेटाबॉलिज्म और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए सुबह उठते ही सबसे पहले गुनगुना पानी पीने की कोशिश करें। रोजाना कुछ देर व्यायाम जरूर करें।