उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे पारा 40 डिग्री के पार जा रहा है हीटवेव (लू) का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। अक्सर हम गर्मी से राहत पाने के लिए घर लौटते ही कुछ ऐसी चीजें करते हैं जो हमें उस वक्त तो सुकून देती हैं लेकिन अंदरूनी तौर पर शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।
धूप से आते ही चिल्ड पानी पीना: यह सबसे आम और खतरनाक गलती है। चिलचिलाती धूप से घर लौटते ही फ्रिज का एकदम ठंडा पानी पीना आपके तंत्रिका तंत्र को झटका दे सकता है। इससे न केवल गला खराब हो सकता है, बल्कि यह हृदय गति को भी प्रभावित कर सकता है। हमेशा कमरे के तापमान वाला या मटके का पानी ही पिएं।
तुरंत नहाना या हाथ-मुंह धोना: जब आप धूप से आते हैं तो आपका शरीर अत्यधिक गर्म होता है। ऐसे में तुरंत ठंडे पानी से नहाना या चेहरा धोना तापमान के असंतुलन के कारण सर्दी-जुकाम, सिरदर्द या बुखार की वजह बन सकता है। शरीर के तापमान को सामान्य होने के लिए कम से कम 10-15 मिनट का समय दें।
खाली पेट बाहर निकलना: खाली पेट लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। धूप में निकलने से पहले हल्का नाश्ता और पर्याप्त पानी जरूर पिएं। खाली पेट शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिससे तेज धूप का असर सीधा दिमाग पर पड़ता है।
चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन: गर्मी में कैफीन का सेवन शरीर को डिहाइड्रेट (पानी की कमी) करता है। चाय या कॉफी पेशाब को बढ़ाते हैं जिससे शरीर से जरूरी तरल पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। इसकी जगह नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी का चुनाव करें।
एकदम से AC चालू करना या अंदर आना: 40 डिग्री की गर्मी से आकर सीधे 18 डिग्री वाले एसी रूम में बैठना शरीर के तापमान को नियंत्रित करने वाले मैकेनिज्म को बिगाड़ देता है। इससे मांसपेशियों में ऐंठन और श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
गहरे और सिंथेटिक कपड़ों का चुनाव: गहरे रंग की पोशाकें गर्मी को सोखती हैं जबकि सिंथेटिक कपड़े पसीने को सूखने नहीं देते। इससे स्किन इन्फेक्शन और घमौरियों का खतरा बढ़ जाता है। हमेशा ढीले और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।