

Understanding And Handling Stubborn Child Behavior: अक्सर ऐसा होता है कि जब बच्चे बात नहीं मानते, खाने में आनाकानी करते हैं या अपनी जिद पर अड़ जाते हैं, तो माता-पिता गुस्से में आकर उन पर चिल्लाने लगते हैं। लेकिन चाइल्ड एक्सपर्ट्स का मानना है कि बार-बार डांटना या ऊंची आवाज में बात करना बच्चों को अनुशासित बनाने के बजाय उन्हें डरा सकता है या फिर भावनात्मक रूप से आपसे दूर कर सकता है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा जिम्मेदार, समझदार और आत्मविश्वासी बने, तो उसे डांटने की बजाय इन आसान और असरदार तरीकों को अपनाएं।
बच्चे से गलती होने पर तुरंत डांटने या चिल्लाने की बजाय उसे शांति से समझाएं कि उसने क्या गलती की है और उसे कैसे सुधारा जा सकता है। उदाहरण के लिए, "तुम हमेशा सामान बिखेर देते हो" कहने के बजाय आप कह सकते हैं, "अगर तुम खिलौने समेट लेते, तो कमरा और भी सुंदर दिखता।" इस तरह की बातचीत बच्चे को अपनी गलती समझने और सुधारने के लिए प्रेरित करती है।
जब भी बच्चा कोई अच्छा काम करे, उसकी खुलकर सराहना करें। जैसे आप कह सकते हैं, "मुझे बहुत अच्छा लगा कि तुमने अपनी किताबें खुद व्यवस्थित रखीं।" ऐसी तारीफ बच्चों को सकारात्मक व्यवहार दोहराने के लिए प्रेरित करती है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाती है।