ज्वार की खिचड़ी(सौ.सोशल मीडिया)
Chaitra Navratri Khichdi: नौ दिवसीय आदि शक्ति मां दुर्गा की आराधना का महापर्व चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में ख़ास महत्व रखता है। इस दौरान माता रानी के भक्त विधि-विधान से मां अम्बे की पूजा-अर्चना और व्रत रखते हैं। खाने में ज्यादा फलों का सेवन करते हैं।
आमतौर पर आपने देखा होगा कि, व्रती व्रत के दौरान साबूदाना खिचड़ी सबसे ज्यादा पसंद करते है, लेकिन कई बार लगातार एक जैसा भोजन करने से लोग बोर भी हो जाते हैं। ऐसे में इस नवरात्रि में साबूदाना खिचड़ी न बनाकर ज्वार की खिचड़ी बनाकर सेवन कर सकते हैं। क्योंकि यह स्वाद में स्वादिष्ट होने के साथ हेल्दी भी हैं।
आयुर्वेद एक्सपर्ट्स के अनुसार, पोषण के मामले में ज्वार की खिचड़ी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। फाइबर से भरपूर होने के कारण इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती और व्रत के दौरान शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
खासकर सीधी और विंध्य क्षेत्र में इसे फलाहार के रूप में काफी पसंद किया जाता है और कई घरों में यह पारंपरिक रूप से बनाई जाती है।
कहा जाता है कि, साबूदाना खिचड़ी की तुलना में ज्वार खिचड़ी हल्की और आसानी से पचने वाली होती है। साथ ही यह पेट को लंबे समय तक भरा रखती है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती है।
एक्सपर्ट्स बताते है कि, ज्वार खिचड़ी बनाने के लिए साबुत ज्वार को रातभर 6-8 घंटे के लिए भिगो कर रख दे, ताकि वह अच्छी तरह नरम हो जाए। इसके बाद इसे कुकर में 8-9 सीटी लगाकर पका सकते है।
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ज्वार खिचड़ी खाने के कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। बदलती लाइफस्टाइल में लोग वजन घटाने, शुगर कंट्रोल और दिल को स्वस्थ रखने के लिए मिलेट्स की ओर लौट रहे हैं। ज्वार कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर वाला होता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर संतुलित करता है, जबकि फिनोलिक एसिड और फ्लेवोनॉइड्स जैसे तत्व शरीर को बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं। इसी वजह से ज्वार खिचड़ी नवरात्रि में एक हेल्दी और स्वादिष्ट फलाहार के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।