धनिया (सौ. फ्रीपिक)
Summer Health Tips: गर्मियों के मौसम में हर सब्जी का स्वाद दोगुना करने वाला हरा धनिया हर किचन की शान होता है। इसकी खुशबू खाने को और स्वादिष्ट बना देती है। इसमें विटामिन ए, सी, के और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। लेकिन अक्सर लोग इसे गलत तरीके से खाते हैं जिसकी वजह से इसके सारे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
हरा धनिया केवल सजावट की वस्तु नहीं बल्कि एक शक्तिशाली औषधि है। इसमें विटामिन ए, सी, के के साथ-साथ पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर के दोषों को संतुलित करता है रक्त को शुद्ध करता है और पाचन अग्नि को उत्तेजित करता है। यह थायराइड की समस्या में भी बेहद कारगर माना गया है।
अक्सर घरों में सब्जी या दाल पकते समय ही उसमें धनिया डाल दिया जाता है। आयुर्वेद के नजरिए से यह तरीका पूरी तरह गलत है। धनिए को कभी भी आंच पर पकाकर नहीं खाना चाहिए। पकाने से इसके संवेदनशील विटामिन नष्ट हो जाते हैं और मिनरल्स की गुणवत्ता कम हो जाती है। इसका पूर्ण लाभ लेने के लिए इसे हमेशा कच्चा ही इस्तेमाल करें।
अगर आप चाहते हैं कि धनिए का पोषण शरीर को पूरी तरह मिले तो इसे इन दो तरीकों से आजमाएं।
नींबू के साथ: धनिए को हमेशा नींबू के रस के साथ लें। नींबू में मौजूद विटामिन सी धनिए के आयरन को शरीर में सोखने में मदद करता है।
काले नमक के साथ: यदि आपकी पाचन शक्ति कमजोर है तो कच्चे धनिए के साथ काला नमक मिलाकर खाएं। यह कॉम्बिनेशन मंद पड़ी पाचन अग्नि को तेज करता है और भोजन के बेहतर पाचन में सहायता करता है।
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सुबह खाली पेट धनिए के पत्तों को पानी में उबालकर, छानकर पीना एक बेहतरीन डिटॉक्स वाटर का काम करता है। यह लिवर से टॉक्सिन्स यानी जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।
हरे धनिए की तासीर ठंडी होती है। इसलिए जिन लोगों को बहुत जल्दी ठंड लग जाती है या जिन्हें साइनस और जुकाम की समस्या रहती है उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। अधिक सेवन से उन्हें छींक आने या जुकाम बढ़ने की परेशानी हो सकती है।