मूर्ख बनने से पहले जान लें इतिहास! 1 अप्रैल को प्रैंक करने की परंपरा के पीछे का असली सच।
How To Celebrate April Fool’s Day: मूर्ख बनने से पहले जानें अप्रैल फूल डे की परंपरा का इतिहास और 1 अप्रैल को प्रैंक करने के पीछे का असली सच।
- Written By: सीमा कुमारी
अप्रैल फूल डे(सौ.सोशल मीडिया)
April Fool Kab Manaya Jata Hai: समूचे विश्व में हर साल 1 अप्रैल को अप्रैल फूल डे मनाया जाता है, जिसे मजाक और हंसी-खुशी के साथ लोगों को हल्के-फुल्के तरीके से चौंकाने के लिए जाना जाता है। मौजूदा वक्त की भागदौड़ भरी जिंदगी में थोड़ा हल्कापन और मनोरंजन भी जरूरी होता है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इसी तारीख को क्यों चुना गया? 1 अप्रैल को ही अप्रैल फूल डे क्यों मनाते हैं, इस परंपरा को मनाने की शुरुआत कब और कैसे हुई, इस तरह के सवाल जरूर आपके मन में आए होंगे इस परंपरा के पीछे कई रोचक कहानियां और ऐतिहासिक कारण जुड़े हुए हैं। आइए जानते हैं अप्रैल फूल डे का इतिहास, महत्व और मान्यताएं।
अप्रैल फूल डे मनाने की शुरुआत कैसे हुई?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अप्रैल फूल डे मनाने की शुरुआत फ्रांस में हुई। अप्रैल फूल डे की सबसे लोकप्रिय कहानी फ्रांस से जुड़ी है। 16वीं सदी में चार्ल्स IX ने 1564 में नया कैलेंडर लागू किया, जिसमें नए साल की शुरुआत 1 जनवरी से होने लगी।
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लेकिन उस समय कई लोगों को यह बदलाव पता नहीं चला और वे 1 अप्रैल को ही नया साल मनाते रहे। ऐसे लोगों का मजाक उड़ाने के लिए उन्हें April Fool कहा जाने लगा।
दरअसल, पहले यूरोप में नया साल मार्च के अंत से अप्रैल की शुरुआत तक मनाया जाता था। जब नया कैलेंडर आया, तो तारीख बदल गई लेकिन जिन लोगों ने पुरानी परंपरा को अज्ञानता वश जारी रखा, उनका और पुरानी परंपरा का मजाक बनने लगा।
हालांकि अप्रैल फूल मनाने की कुछ अन्य मान्यताएं भी प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे प्राचीन रोमन त्योहार हिलारिया (Hilaria) से जोड़ते हैं। वहीं कुछ इसे मौसम परिवर्तन और वसंत ऋतु की मस्ती से जोड़ते हैं।
अप्रैल फूल डे कैसे मनाया जाता है?
प्रैंक और मजाक
इस दिन लोग अपने दोस्तों, परिवार और सहकर्मियों के साथ हल्के-फुल्के मजाक करते हैं।
सोशल मीडिया प्रैंक्स
आजकल कंपनियां और गूगल जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी मजेदार फेक अनाउंसमेंट करती हैं।
मीडिया प्रैंक
कई बार न्यूज चैनल और वेबसाइट्स भी फनी खबरें चलाकर लोगों को चौंकाते हैं।
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अप्रैल फूल डे पर रखें इन बातों का ध्यान
अगर आप भी इस दिन को सेलिब्रेट कर रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि मजाक ऐसा हो जिससे किसी को चोट या दुख न पहुंचे।
ये दिन हंसी मजाक के जरिए खुश रहने का मौका है। ऐसे में संवेदनशील विषयों पर प्रैंक न करें।
मजाक करते समय बच्चों और बुजुर्गों के साथ सावधानी रखें।
