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भगवान सूर्य को अर्घ्य देते समय इन बातों का ज़रूर रखें ध्यान, ‘ऐसा’ बिल्कुल न करें

  • Written By: नवभारत डेस्क
Updated On: May 28, 2024 | 12:11 PM
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सीमा कुमारी

नई दिल्ली: सनातन धर्म में रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित है। मान्यता है कि, समस्त सृष्टि में प्रकाश और ऊर्जा के स्रोत ‘सूर्य देव’ ही हैं। यही कारण है कि लोग अपने जीवन में सुख-शांति, तरक्की और सद्बुद्धि के लिए सूर्य देव की पूजा करते हैं और उन्हें जल अर्पित करते हैं।व्यक्ति के जीवन में ‘सूर्य’ का बहुत बड़ा महत्व होता है। कहा जाता है कि, यदि कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत है, तो व्यक्ति को जीवन में खूब कामयाबी और यश की प्राप्ति होती है। वहीं, यदि कुंडली में सूर्य की स्थिति ठीक नहीं है तो जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए रोजाना सुबह सूर्य देव को जल अवश्य देना चाहिए।

 क्या आपको पता है कि सूर्य देव को जल चढ़ाने के भी कुछ नियम होते हैं। अगर आप उन नियमों का ध्यान रखते हैं तो ऐसे में आप पर सूर्य देव की अनुकंपा होती है। तो आइए जानें उन नियमों के बारे में-

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ज्योतिषियों के अनुसार, तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरकर उसमें लाल चंदन, सफेद तिल, लाल पुष्प, पीला चावल उसमें डालकर अच्छे से मिलाएं। फिर दोनों हाथ जितना अधिक ऊपर उठाकर सिर के सामने से अर्घ्य दें, ताकि गिरते हुए जल से सूर्य भगवान को देख सकें। अर्घ्य देते समय पूर्व दिशा की ओर खड़े होना चाहिए। इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।

 जब सूरज को जल या अर्घ्य दिया जाता है, तो लोटे की धातु पर भी ध्यान देना चाहिए। आजकल लोग तांबे से लेकर पीतल, चांदी यहां तक कि मिट्टी के लोटे में जल चढ़ाते हैं। आप इनमें से किसी भी लोटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन स्टील के लोटे का इस्तेमाल करने से बचें। यह शुभ नहीं माना जाता है। इसके अलावा, आप लोटे का इस्तेमाल करने से पहले उसे अच्छी तरह साफ करें। बेहतर होगा कि, आप उसे साबुन की जगह भस्म से साफ करें।

ज्योतिषियों कहना है कि, यदि, व्यक्ति प्रतिदिन भगवान सूर्य देव को जल अर्घ्य प्रदान करें, तो उसमें से निकले वाली रश्मियां और किरणें शरीर को नई ऊर्जा प्रदान करती है। जिससे हमारे शरीर की बहुत सारी बीमारियां और कीटाणु नष्ट होते हैं।  इसलिए भगवान सूर्यदेव को प्रतिदिन अर्घ्य देना चाहिए।

सूर्य देव को अर्घ्य देने का भी एक तरीका होता है। हमेशा आप सूर्य देव को अर्घ्य देते हुए लोटे को अपने सिर के ऊपर इस तरह रखें कि जल की एक ऊंची धारा बने। साथ ही, सूरज की किरणों की रोशनी उस लोटे के जल से छनते हुए आपके शरीर तक पहुंचे। अगर इस तरह सूर्य देव को जल दिया जाता है तो व्यक्ति रोगमुक्त व स्वस्थ रहता है। साथ ही, उस जल की धारा से सूर्य देव को देखने का प्रयास करें। अधिकतर लोग उस दौरान अपनी आंखें बंद कर लेते हैं। लेकिन, आप ऐसा बिल्कुल भी न करें।

Be sure to keep these things in mind while offering arghya to lord surya do not do this at all

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Published On: Aug 20, 2023 | 06:00 AM

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