Giridih Roof Collapse: गिरिडीह में निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरा, मलबे में दबकर मां-बेटे की मौत
Giridih Roof Collapse: झारखंड के गिरिडीह में निर्माणाधीन मकान का छज्जा ढहने से बहुत ही बड़ा हादसा हुआ है। भारी मलबे में दबने से मां-बेटे की दुखद मौत हो गई है, जबकि एक मिस्त्री गंभीर रूप से घायल है।
- Written By: प्रिया सिंह
झारखंड निर्माणाधीन मकान गिरा (सोर्स-सोशल मीडिया)
Tragic Giridih Roof Collapse: झारखंड के गिरिडीह जिले में शनिवार शाम को एक बहुत ही दर्दनाक और जानलेवा हादसा हो गया जिसने सबको रुला दिया। यहां हीरोडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सलैया गांव में एक निर्माणाधीन मकान का भारी छज्जा अचानक ढह गया। इस हादसे में मलबे के नीचे बुरी तरह दबने से एक मां और उनके जवान बेटे की मौके पर दुखद मौत हो गई। इस अचानक हुई दुखद घटना के बाद से पूरे सलैया गांव में भारी मातम और बहुत गहरा शोक व्याप्त हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को तुरंत अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान स्थानीय निवासी सुनीता देवी और उनके पुत्र राजकुमार यादव के रूप में हुई है। हादसे के ठीक वक्त दोनों लोग अपने घर के चल रहे नए निर्माण कार्य की पूरी देखरेख करने के लिए वहां मौजूद थे। इसी दौरान यह भयानक हादसा हो गया जिसने एक ही पल में उनके पूरे हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ कर रख दिया।
मिस्त्री को दे रहे थे जरूरी निर्देश
हादसे के समय सुनीता देवी और उनके बेटे राजकुमार निर्माण कार्य में लगे मिस्त्री प्रदीप यादव को कुछ बहुत ही आवश्यक निर्देश दे रहे थे। वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि जैसे ही राजमिस्त्री आगे का काम करने के लिए छज्जे पर चढ़ा, वह अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इस दौरान एक बहुत ही तेज डरावनी आवाज हुई और छज्जे का भारी मलबा सीधे नीचे खड़ी सुनीता देवी और उनके पुत्र के ऊपर आ गिरा। मिस्त्री भी इस टूटते हुए छज्जे के साथ ही सीधे नीचे गिर गया और वह भी मलबे की चपेट में आकर बहुत गंभीर रूप से घायल हो गया।
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ग्रामीणों ने तुरंत शुरू किया राहत कार्य
निर्माणाधीन मकान का भारी छज्जा गिरने की तेज डरावनी आवाज सुनकर आसपास के सभी ग्रामीण तुरंत दौड़कर घटनास्थल पर मदद के लिए पहुंच गए। घबराए हुए ग्रामीणों ने बिना किसी देरी के मलबा हटाकर अपना राहत एवं बचाव कार्य बहुत ही तेजी से और पूरी ताकत के साथ शुरू कर दिया। काफी कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में बुरी तरह दबे हुए उन तीनों लोगों को आखिरकार बाहर निकाला गया लेकिन तब तक बहुत ज्यादा देर हो चुकी थी। मलबे से बाहर निकालने तक बेचारी सुनीता देवी और उनके बेटे राजकुमार यादव की दर्दनाक मौत उसी जगह पर पहले ही हो चुकी थी।
घायल मिस्त्री अस्पताल में हुआ भर्ती
इस अचानक हुए भयानक घटनाक्रम के बाद से मृतकों के पूरे परिवार और रिश्तेदारों का रो-रोकर बहुत ही बुरा हाल हो गया है। हादसे में बहुत गंभीर रूप से घायल हुए मिस्त्री प्रदीप यादव को तुरंत ही बेहतर इलाज के लिए पास के जमुआ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार उस घायल मिस्त्री के हाथ-पांव और चेहरे पर काफी गंभीर और गहरी चोटें आई हैं जिसका इलाज चल रहा है। वहां जमुआ अस्पताल में उसका इलाज लगातार जारी है और उसकी नाजुक स्थिति पर डॉक्टरों की टीम द्वारा पूरी तरह से नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने शुरू की पूरे मामले की जांच
घटना की पूरी सूचना मिलते ही हीरोडीह थाना पुलिस की टीम तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का सघन निरीक्षण किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच और मुआयने में यह आशंका जताई जा रही है कि किसी तकनीकी खामी के कारण ही यह भारी छज्जा अचानक ढह गया।
ऐसा भी हो सकता है कि निर्माण कार्य में कोई बड़ी निर्माण संबंधी कमजोरी रह गई हो जिसकी वजह से यह इतना बड़ा और दुखद हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाने के साथ ही इस पूरे मामले की बहुत ही बारीकी से अपनी आगे की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
