LT.Governor Kavinder Gupta Resign (Image Source- IANS)
Ladakh Lieutenant Governor Resignation: लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने गुरुवार को करीब आठ महीने बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 18 जुलाई 2025 को शपथ लेकर केंद्र शासित प्रदेश के तीसरे एलजी के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस सहित कई संगठनों ने राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची और स्थानीय नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि गुप्ता को बुधवार को एक स्थानीय मठ के दौरे के दौरान लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा।
कविंदर गुप्ता का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से शुरू हुआ। वह मात्र 13 साल की उम्र में संघ से जुड़ गए थे और यहीं से उनकी वैचारिक और सामाजिक सक्रियता की शुरुआत हुई। इमरजेंसी (1975-1977) के दौरान उनकी सक्रियता के कारण उन्हें लगभग 13 महीने जेल भी जाना पड़ा। इसके बाद उन्होंने संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। 1978 से 1979 के बीच उन्होंने विश्व हिंदू परिषद की पंजाब इकाई में सचिव के रूप में काम किया और आगे चलकर 1993 से 1998 तक वह भारतीय जनता युवा मोर्चा की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख भी रहे और संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया।
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स्थानीय राजनीति में कविंदर गुप्ता ने जम्मू नगर निगम से अपनी पहचान बनाई। 2005 से 2010 के बीच वह लगातार तीन बार जम्मू के मेयर चुने गए, जो उनकी लोकप्रियता और संगठनात्मक पकड़ को दर्शाता है।
इसके बाद 2014 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में जम्मू की गांधीनगर सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा विधायक रमन भल्ला को हराकर जीत दर्ज की। विधानसभा पहुंचने के बाद 19 मार्च 2015 को उन्हें जम्मू-कश्मीर विधानसभा का स्पीकर चुना गया, जहां उन्होंने सदन की कार्यवाही को संचालित करने की जिम्मेदारी निभाई।
एजेंसी इनपुट के साथ