'पहलगाम में हुई सुरक्षा चूक...देश की आत्मा पर वार', मनोज सिन्हा ने ली जिम्मेदारी

Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि पहलगाम हमला आतंकवादियों का मकसद लोगों को बांटना और जम्मू-कश्मीर के लोगों के खिलाफ देश के अन्य हिस्सों में गुस्सा भड़काना था।
'पहलगाम में हुई सुरक्षा चूक...देश की आत्मा पर वार', मनोज सिन्हा ने ली जिम्मेदारी
मनोज सिन्हा (Image- Social Media)
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Manoj Sinha on Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के तौर पर मनोज सिन्हा को सेवा देते हुए पांच साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में पहलगाम हमले को लेकर खुलके बात की। मनोज सिन्हा ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि यह सुरक्षा में भारी चूक थी। सिन्हा ने कहा कि आतंकवादियों का ये हमला पर्यटकों पर नहीं बल्कि भारत की आत्मा पर हुआ है।

अपने इंटरव्यू में मनोज सिन्हा ने पहलगाम हमले को लेकर कहा कि मैं इस घटना की जिम्मेदारी लेता हूं, क्योंकि ये वास्तव में एक सुरक्षा चूक थी। मनोज सिन्हा ने कहा कि जिस जगह पर हमला हुआ वो खुला मैदान था और वहां सुरक्षा बलों के लिए कोई सुविधा या फिर जगह नहीं है. इसलिए वहां पर सुरक्षा बलों की तैनाती नहीं है।

पर्यटकों पर नहीं करते थे हमला

मनोज सिन्हा ने कहा कि यहां को लेकर लोगों की यही धारणा रही है कि आतंकवादी पर्यटकों पर हमला नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने ये हमला देश की आत्मा पर जानबूझकर किया था। मनोज सिन्हा ने कहा कि ज्यादा पर्यटकों के आवागमन से राज्य आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा था। यहां की अर्थव्यवस्था पहले से दोगुनी हुई। इस हमले का एक बड़ा उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था पर गंभीर चोट मारना था। उन्होंने बताया कि इस हमले का दूसरा उद्देश्य देश भर के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोगों को राज्य के खिलाफ भड़काना था और सांप्रदायिक विभाजन पैदा करना था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान नहीं चाहता है कि जम्मू-कश्मीर समृद्ध हो।

स्थानीय लोगों की संलिप्तता पर क्या बोले?

NIA की जांच का हवाला देते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि इस हमले में कई स्थानीय लोगों की संलिप्तता थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की संलिप्तता का मतलब ये नहीं कि पूरा राज्य ही खराब है। उन्होंने कहा कि यहां का सुरक्षा वातावरण दूषित हो गया है।

सिन्हा ने आगे कहा कि अगर देखा जाए तो इस स्थिति में भी बहुत सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बार एक व्यक्ति की संलिप्तता पाई गई है, वहीं पिछले साल यह संख्या 6-7 थी और एक समय इसका संख्या 100 से ज्यादा हुआ करती थी।

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