Jammu Avalanche : उत्तराखंड हिमस्खलन के बीच अब जम्मू के इन इलाकों में आ सकता है बड़ा एवलांच…
जम्मू-कश्मीर में अगले 24 घंटों के लिए हिमस्खलन होने को लेकर चेतावनी जारी की है। अगले 24 घंटों में डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी, रामबन, रियासी में 2500 मीटर से ऊपर उच्च खतरे के स्तर वाला हिमस्खलन होने की संभावना है।
- Written By: राहुल गोस्वामी
जम्मू के इन इलाकों में आ सकता है बड़ा एवलांच
देहरादून: जहां एक तरफ उत्तराखंड के उंचाई वाले क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फवारी के बीच चमोली जिले में बदरीनाथ के पास सीमांत माणा गांव में आज सुबह हिमस्खलन होने से वहां फंसे सीमा सड़क संगठन के 57 मजदूरों में से 32 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं इन सबके बीच जम्मू-कश्मीर में अगले 24 घंटों के लिए हिमस्खलन होने को लेकर चेतावनी जारी की है।
इस जारी चेतावनी में कहा गया कि, अगले 24 घंटों में डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी, रामबन, रियासी में 2500 मीटर से ऊपर उच्च खतरे के स्तर वाला हिमस्खलन होने की संभावना है। वहीं आपातकालीन स्थिति में 112-जेके यूटी-डीएमए डायल करने को कहा गया है।
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इस बीच उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शाम पांच बजे तक बदरीनाथ धाम से छह किलोमीटर आगे हिमस्खलन में फंसे 32 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है जबकि शेष बचे 25 अन्य को निकालने की कार्रवाई चल रही है।
On the Chamoli avalanche, the Uttarakhand Disaster Management Department says,” By 5:00 pm, 32 people had been rescued safely. The process of evacuating the remaining 25 people is in progress. Relief and rescue work is going on on a war footing to rescue people trapped in the… https://t.co/UPqsze75ph — ANI (@ANI) February 28, 2025
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जानकारी दें कि, माणा और बदरीनाथ के बीच में स्थित BRO के मजदूरों के कैंप पर हिमस्खलन हुआ था जिससे मजदूर बर्फ में दब गए थे। वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस, सेना, सीमा सड़क संगठन, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल और आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा बचाव और राहत कार्य शुरू किया ।
इस घटना में अभी किसी के हताहत होने की काई सूचना नहीं है। वहीं बदरीनाथ से करीब तीन किलोमीटर दूर माणा भारत तिब्बत सीमा पर बसा आखिरी गांव है जो 3200 मीटर की उंचाई पर स्थित है । बता दें कि, बद्रीनाथधाम, नर और नारायण पर्वत की तलहटी पर बसा है जिसके बीचोंबीच अलकनंदा नदी प्रवाहित होती है। उक्त हादसा नर पर्वत से आए हिमस्खलन के कारण हुआ है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
