Pune Disaster Management( Source: Social Media )
Pune Disaster Management: पुणे आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से पुणे महानगरपालिका ने शहर की नदियों और नालों पर नजर रखने के लिए व्यापक स्तर पर CCTV कैमरों का जाल बिछाने का निर्णय लिया है।
यह पहल विशेष रूप से मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। क्योंकि जब खड़कवासला डैम से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाता है तो शहर के कई हिस्सों में जलभराव एवं बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती हैं। हर वर्ष चारिश के मौसम में मुला और मुठा नदियों के साथ-साथ शहर के छोटे-बड़े नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है।
कई बार अचानक भारी बारिश या बादल फटने जैसी घटनाओं के कारण सड़कों पर भी पानी भर जाता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है और जानमाल का नुकसान होता है।
शहर से होकर गुजरने वाली मुठा नदी में पानशेत, वरसगांव और टेमधर डैमों से पानी खडकवासला डैम के जरिए छोड़ा जाता है। जब इन जैमों में पानी का स्तर अधिक हो जाता है और बड़े पैमाने पर छोड़ा जाता है तो इसका पहला असर नदी किनारे बसे इलाकों पर पड़ता है। विशेष रूप से सिंहगढ़ रोड क्षेत्र को बाढ़ का अधिक खतरा रहता है।
पिछले वर्ष सिंहगढ़ रोड के एकता नगरी सहित कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया था, जिससे इलाके के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
उस दौरान समय पर सूचना और त्वरित रिस्पांस की कमी साफ तौर पर सामने आई थी। इसी अनुभव से सीख लेते हुए अब पुणे महानगरपालिका ने पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत पर्जन्यमापक यंत्र (वर्षा की मात्रा को मापने वाली मशीन), सीसीटीवी कैमरों और एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा, जिससे संभावित खतरे की जानकारी समय रहते मिल सके।
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डैम से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जल स्तर और प्रवाह पर लगातार CCTV के 6, उसे पानी जाने के बाद नदी के जल स्तर और प्रवाहार लगातार के किया जा सकेगा और समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे। साथ ही, नदीं तटों पर अवैध रूप से मलबा या कचरा फेंकने वालों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा,
– पुणे मनपा, आपदा प्रबंचन अधिकारी, गणेश सोनुने