अमरनाथ यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, 4 दिनों में 85 हजार से ज्यादा भक्त बाबा बर्फानी के किए दर्शन
Amarnath Yatra 2026: 3 जुलाई 2026, शुक्रवार से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में सिर्फ चार दिनों के अंदर 85,779 श्रद्धालु पवित्र गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन करने कर चुके हैं।
- Written By: सृष्टि मौर्य
अमरनाथ यात्रा (सोर्स- AIइमेज )
Over 28,818 Devotees Visited Amarnath Temple: 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है। सोमवार को कई इलाकों में तेज बारिश हुई, लेकिन इसका असर श्रद्धालुओं की आस्था पर नहीं पड़ा। श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गो से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक पहुंचे और बाबा बर्फानी के दर्शन किए। सोमवार को करीब 28,818 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रशासन के अनुसार, हर दिन यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
बालटाल मार्ग बना पहली पसंद
बेस कैंपों और विभिन्न जगहों पर देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। दर्शन के बाद सोमवार शाम श्रद्धालु सुरक्षित रूप से बालटाल बेस कैंप लौट आए। अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम के नुनवान बेस कैंप तक लौटने में तीन से चार दिन लग जाते हैं। ऐसे में ज्यादातर श्रद्धालु वापसी के लिए बालटाल मार्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि इस रास्ते से उसी दिन बेस कैंप पहुंचा जा सकता है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने दोनों बेस कैंपों और यात्रा मार्ग पर भरपूर व्यवस्थाएं की हैं। ठहरने के लिए हजारों टेंट लगाए गए हैं। वहीं, विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से जगह-जगह लंगर लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
अमरनाथ यात्रा पर जाने से पहले नहीं भूले ये दस्तावेज, वरना पड़ सकता है लौटना, पुलिस ने जारी की गाइडलाइंस
Pahalgam Terror Attack: NIA की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बड़ा खुलासा, लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद बना आरोपी
अमरनाथ यात्रा में CRPF की नई पहल, “मे आई हेल्प यू” डेस्क पर महिला जवान बनीं श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा सहारा
तीन दिन में 56 हजार श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, लेकिन इन श्रद्धालुओं को करना होगा इंतजार
चारों-तरफ से सुरक्षा व्यवस्था लागू
अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पहलगाम और बालटाल बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक चारों-तरफ सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। ऊंचाई वाले जगहों और यात्रा मार्गो पर सेना के जवान तैनात हैं। वहीं, बेस कैंपों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ(CRPF) संभाल रही है, जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रही है।
यह भी पढ़ें:- Ram Mandir Theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी पर उठे गंभीर सवाल
पंजीकरण के नियमों का पालन जरूरी
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से केवल उनकी दर्शन की दर्ज की गई तारीख के अनुसार यात्रा करने की अपील की है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि बिना पंजीकरण या तय तारीख से पहले पहुंचने वाले किसी भी श्रद्धालु को दोनों बेस कैंपों की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
