

Agreement For Kishau Multipurpose Project: नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच लंबे समय से अटके 'किशाऊ मल्टीपर्पज डैम प्रोजेक्ट' को लागू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए गए। इस दौरान हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के सीएम भी मौजूद रहे।
लगभग आठ दशकों के इंतजार के बाद हुआ यह समझौता जल सुरक्षा, बिजली उत्पादन, सिंचाई और पीने के पानी की सप्लाई को मजबूत करने के साथ-साथ यमुना के पुनरुद्धार की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम है। जून 2026 में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई जब केंद्र ने घोषणा की कि वह प्रोजेक्ट की लागत का 90% वहन करेगा, जबकि छह राज्य शेष 10% वहन करेंगे। समझौते के मुताबिक, परियोजना पर हिमाचल प्रदेश के खर्च का हिस्सा दिल्ली और राजस्थान द्वारा क्रमशः 75% और 25% के अनुपात में वहन किया जाएगा, क्योंकि इन दोनों राज्यों को जल आपूर्ति मिलेगी।
किशाऊ प्रोजेक्ट का कॉन्सेप्ट 1940 में तैयार किया गया था। कई दशकों तक कई कोशिशों के बावजूद, अलग-अलग कारणों से यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, दशकों से अटके महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को अब तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। यह दिन सिर्फ एक समझौते पर साइन करने का नहीं था, बल्कि किशाऊ प्रोजेक्ट को लागू करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था, जिसका इंतज़ार लगभग आठ दशकों से किया जा रहा था।
हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने इस समझौते के बाद कहा है कि आज किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर समझौता हरियाणा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सालों से लंबित इस प्रोजेक्ट को संवाद, सहयोग और सहमति के माध्यम से आगे बढ़ाया गया। उन्होंने इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पहल और सक्रिय प्रयासों से सालों से लंबित इस विषय पर राज्यों के बीच सहमति बनाने का रास्ता साफ हुआ है।