

Delhi Flood News: भारी बारिश के चलते यमुना नदी में आए ऊफान ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को अपने आगोश में समेट लिया है। राजधानी की रफ्तार थम सी गई है। इस बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने दिल्ली में ट्रिपल इंजन की सरकार की पोल खोल कर रख दी है।
दरअसल, बाढ़ से निपटने के लिए सरकारी अमले द्वारा राहत शिविर बनाए जाते हैं। राजधानी दिल्ली में बाढ़ की आशंका के चलते ऐसा किया गया, लेकिन जब बाढ़ आई तो पता चला कि सरकारी राहत शिविरों को खुद राहत की दरकार है। क्योंकि यमुना का पानी इन राहत कैंपों के अंदर घुस चुका है।
दिल्ली नगर निगम और राज्य सरकार के सहयोग से बनाए गए बाढ़ राहत शिविरों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे यमुना का पानी इन कैंपों के अंदर पहुंच चुका है और राहत के लिए किए गए इंतजाम खुद राहत की राह ताक रहे हैं।
आपको बता दें कि प्रशासन जब भी बाढ़ से राहत के लिए शिविरों की व्यवस्था करता है, तो ऊंचे स्थानों का चयन किया जाता है। जहां तक बाढ़ का पानी न पहुंच सके। लेकिन इन राहत शिविरों को देखकर लग रहा है कि सरकारी अमले ने बिना जमीन पर उतरे जगहों का चयन किया है।
सोशल मीडिया पर लोग भी मयूर विहार में बनाए गए राहत कैंप के इस वीडियो को साझा कर राजधानी की रेखा गुप्ता सरकार और दिल्ली नगर निगम की कार्यशैली की आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है कि आंखों में धूल झोंकने के लिए बनाए गए राहत कैंप को खुद राहत की जरूरत की है।
राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह की स्थिति बेहद कम देखी जाती है। ताजा जानकारी के अनुसार, दिल्ली में बाढ़ का हाई अलर्ट जारी किया गया है। लोहा पुल के बाद अब वजीराबाद पुल को बंद कर दिया गया है। कई इलाकों की सड़क मार्ग से संपर्क कट गया है।
दिल्ली के यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन जाने वाले संपर्क मार्ग तलाब में तब्दील हो गए हैं। जिसके कारण आवागमन ठप हो गया है। हालांकि मेट्रो स्टेशन चालू है और इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध है। साथ ही कश्मीरी गेट बस टर्मिनल को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। बस अड्डा पानी में डूब गया है। स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।