नरेंद्र मोदी व जयराम रमेश (डिजाइन फोटो)
World Bank on Air Pollution: देश में प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन गया है। वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल प्रदूषण के कारण 10 लाख लोगों की मौत हो रही है। इसके अलावा प्रदूषण देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल रहा है।
कांग्रेस पार्टी ने वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पूछा कि मोदी सरकार कब तक सच्चाई को नजरअंदाज करती रहेगी। कांग्रेस ने प्रदूषण से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने की भी वकालत की।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखी। इसमें उन्होंने बताया कि इंडो-गैंगेटिक मैदानों और हिमालय की तलहटी में वायु प्रदूषण पर वर्ल्ड बैंक की लेटेस्ट रिपोर्ट का टाइटल ‘ए ब्रेथ ऑफ चेंज’ है।
The World Bank’s latest report on air pollution in the Indo-Gangetic Plains and Himalayan foothills titled ‘A Breath of Change’ is comprehensive, evidence-based, and unambiguous. It is also, obviously, very timely. It highlights the fact that there are now around 1 million… — Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) January 18, 2026
यह रिपोर्ट व्यापक सबूतों पर आधारित और स्पष्ट है। यह इस बात पर ज़ोर देती है कि इस क्षेत्र में हर साल प्रदूषण के कारण लगभग 10 लाख लोगों की समय से पहले मौत हो जाती है। इसके अलावा यह हर साल क्षेत्रीय GDP का लगभग 10% आर्थिक नुकसान भी बताती है।
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जयराम रमेश ने रिपोर्ट में शामिल कई अन्य बिंदुओं पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने लिखा कि रिपोर्ट कोयला बिजली संयंत्रों के लिए उत्सर्जन मानकों को लागू करने और सबसे पुरानी इकाइयों को तेजी से बंद करने की सिफारिश करती है। यह शहर-केंद्रित योजनाओं से हटकर कानूनी रूप से सशक्त एयर शेड-आधारित शासन की ओर बढ़ने का भी सुझाव देती है। इसके अलावा, यह सार्वजनिक परिवहन का विस्तार करने और उसे इलेक्ट्रिक बनाने और वाहन उत्सर्जन और ईंधन मानकों को मज़बूत करने की बात कहती है।
जयराम रमेश ने कहा कि हाल के वर्षों में बिगड़ते AQI स्वास्थ्य संकट को देखते हुए, कांग्रेस ने बार-बार PM 2.5 पर ध्यान केंद्रित करते हुए वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 और राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS), 2009 की समीक्षा का सुझाव दिया है।