मिडिल-ईस्ट टेंशन के बीच गरजे PM मोदी, दुनिया को दिया शांति का संदेश, बोले- केवल सैन्य संघर्ष समाधान नहीं
Middle-East Tension: ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले को सौ घंटे से अधिक का समय गुजर चुका है। मिडिल ईस्ट में फैले इस तनाव पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है।
- Written By: अभिषेक सिंह
पीएम नरेंद्र मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Narendra Modi on Iran-US War: ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले को सौ घंटे से अधिक का समय गुजर चुका है। इस अवधि में वैश्विक राजनीति के समीकरणों में काफी बदलाव आया है। इसी जारी युद्ध के बीच अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बड़ा और अहम बयान सामने आया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत हमेशा से कानून के शासन, आपसी बातचीत और शांतिपूर्ण कूटनीति के मार्ग में दृढ़ विश्वास रखता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल सैन्य संघर्ष के जरिए किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। मोदी का यह अहम बयान उस वक्त आया है, जब अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की है, जिसके चलते पूरे पश्चिम एशिया में लगातार भीषण धमाके हो रहे हैं और तनाव चरम पर है।
सैन्य टकराव से समाधान नहीं: PM
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब से मुलाकात के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड संवाद, कूटनीति व कानून के शासन में यकीन रखते हैं। यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, सैन्य टकराव से हल नहीं निकलता। दोनों नेता इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि आज के समय में वैश्विक संस्थाओं में तत्काल सुधार किए जाने की सख्त आवश्यकता है।
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#WATCH | Delhi: At a joint press statement with the President of Finland, Alexander Stubb, Prime Minister Narendra Modi says, “A healthy planet is our shared priority. We are delighted that this year, together with Finland, we will be hosting the World Circular Economy Forum in… pic.twitter.com/B6dj7rFsL7 — ANI (@ANI) March 5, 2026
और क्या कुछ बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि आज यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक दुनिया के कई हिस्सों में भीषण संघर्ष जारी है। ऐसे तनावपूर्ण और अस्थिर वैश्विक माहौल के बीच भारत और यूरोप जैसी दुनिया की दो प्रमुख कूटनीतिक शक्तियां अपने द्विपक्षीय संबंधों के सबसे स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर रही हैं। इन दोनों शक्तियों का करीब आना वैश्विक कूटनीति और शांति स्थापना की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
क्यों अहम है पीएम मोदी का बयान
गौरतलब कि प्रधानमंत्री की यह अहम टिप्पणी ऐसे संवेदनशील वक्त में आई है, जब पश्चिम एशिया में ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर चुन-चुनकर सटीक हमले किए जा रहे हैं। इन हालिया हिंसक घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में गहरी असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिका और इजरायली सेना द्वारा किए गए संयुक्त और भारी हमलों ने भी ईरान के भीतर बड़े पैमाने पर भयंकर तबाही मचाई है।
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सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने पश्चिम एशिया स्थित इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ जवाबी हमले शुरू कर दिए। इस भयानक युद्ध में अब तक एक हजार से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका है। वहीं, ईरान पर भारी दबाव बनाने के इरादे से अमेरिकी नौसेना ने बुधवार को हिंद महासागर में भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत ‘आईआरआईएस डेना’ को भी अपना निशाना बनाया है।
