Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

वक्फ में गैर मुस्लिम तो हिंदू संस्थानों में इस्लामिक को एंट्री मिलेगी? ऐसा क्यों बोले चीफ जस्टिस

Supreme court on Waqf Act: जब कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने वक्फ बोर्ड में हिंदुओं की भागीदारी पर सवाल उठाए, तो मुख्य न्यायाधीश ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह पूछा कि क्या हिंदू धार्मिक संस्थाओं में मुसलमानों..

  • By अमन उपाध्याय
Updated On: Apr 16, 2025 | 06:56 PM

सुप्रीम कोर्ट (फोटो - सोशल मीडिय)

Follow Us
Close
Follow Us:

नई दिल्ली: आज सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन अधिनियम पर लंबी सुनवाई हुई। इस अधिनियम के खिलाफ 70 से अधिक याचिकाओं पर बहस हुई, जिसमें कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे वरिष्ठ वकीलों ने अपनी दलीलें पेश की। वहीं, केंद्र सरकार का पक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रखा। इस दौरान चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने तुषार मेहता से एक तीखा सवाल पूछा।

कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने वक्फ बोर्ड में हिंदुओं की भागीदारी पर सवाल उठाए, तो चीफ जस्टिस ने तुषार मेहता से यह पूछा, “क्या आप यह कह सकते हैं कि अब से हिंदू संस्थाओं में मुस्लिमों को भी शामिल किया जाएगा और वे उनका हिस्सा बन सकते हैं?”

संपत्तियों पर फैसला अदालत क्यों नहीं

चीफ जस्टिस ने वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों में कलेक्टर को निर्णय लेने का अधिकार देने पर सवाल उठाए। उन्होंने यह पूछा कि वक्फ संपत्तियों पर फैसला अदालत क्यों नहीं कर सकती। इस पर तुषार मेहता ने जवाब दिया कि वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन का अधिकार कलेक्टर को दिया गया है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्ति का रजिस्ट्रेशन हमेशा से अनिवार्य रहा है, और यह प्रक्रिया वक्फ बाई यूजर के तहत भी होती है। उनका कहना था कि 1995 के कानून में भी यही प्रावधान था।

तुषार मेहता ने यह भी कहा कि कपिल सिब्बल का यह कहना कि नया कानून मुतवल्ली को जेल भेजने वाला है, सही नहीं है, क्योंकि ऐसा केवल तभी होगा जब वक्फ संपत्ति का रजिस्ट्रेशन न हुआ हो।

वक्फ बोर्ड में अब 22 में से केवल 10 मुस्लिम सदस्य

सरकार ने सुनवाई के दौरान यह तर्क प्रस्तुत किया कि मुस्लिम समुदाय को वक्फ ऐक्ट के तहत निर्णय लेने में कोई रुचि नहीं है। इसलिए नए ऐक्ट में यह छूट दी गई है कि वे चाहें तो अपना ट्रस्ट भी बना सकते हैं। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि इस ऐक्ट में कुछ सकारात्मक पहलू हैं, लेकिन कुछ चिंताजनक बिंदु भी हैं। कपिल सिब्बल ने यह दलील दी थी कि वक्फ बोर्ड में अब 22 में से केवल 10 मुस्लिम सदस्य होंगे, जो आर्टिकल 26 के तहत स्वायत्तता के अधिकार का उल्लंघन करेगा।

देश से जुड़ी अन्य सभी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

जब बहस आगे बढ़ी, तो चीफ जस्टिस ने तुषार मेहता से यह सवाल किया कि क्या हिंदू संस्थाओं में मुस्लिमों को प्रवेश मिलेगा। इसके बाद अदालत ने कहा कि वह इन याचिकाओं को सुनने के लिए एक उच्च न्यायालय को नियुक्त करेगा। उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद ही इस मामले पर विचार किया जाएगा।

कुछ मामले वास्तव में चिंता का विषय

मुस्लिम पक्ष के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में दलील दी कि यदि यह प्रक्रिया ऐसे ही चली तो देशभर में मौजूद 8 लाख वक्फ संपत्तियों में से लगभग 4 लाख संपत्तियाँ प्रभावित हो सकती हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने हस्तक्षेप करते हुए टिप्पणी की कि उन्हें जानकारी दी गई है कि दिल्ली हाई कोर्ट खुद वक्फ भूमि पर स्थित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे यह नहीं कह रहे कि सभी वक्फ ‘बाय यूजर’ मामलों में गड़बड़ी है, लेकिन कुछ मामले वास्तव में चिंता का विषय हैं।

Will non muslims get entry in waqf and muslims in hindu institutions chief justice statement

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 16, 2025 | 05:32 PM

Topics:  

  • Latest News
  • Supreme Court
  • Waqf Act
  • Waqf Land

सम्बंधित ख़बरें

1

1 साल में 266 शिकायतें, मेन लाइन के ऊपर पब्लिक टॉयलेट…इंदौर त्रासदी की पूरी टाइमलाइन

2

टिकट मांगने के इच्छुक संघ से दूर रहें…मोहन भागवत ने RSS को बताया भाजपा से अलग, जानें क्या कुछ कहा?

3

दिल्ली में बंदर भगाने के लिए निकली भर्ती, लंगूर की आवाज निकालना होगा, 8 घंटे की शिफ्ट में होगा काम

4

सत्ता में रहकर भी खाली जेब! बांग्लादेश के नेताओं की इनकम सुनकर उड़ जाएंगे होश, क्या कहते हैं आंकड़े

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.