इस्तीफा देंगे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान? केंद्र सरकार का आया पहला बड़ा बयान, बातचीत के लिए हुई तैयार
Dharmendra Pradhan Resignation: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार की ओर से पहली बार एक बड़ा बयान आया है। गौरतलब है कि उनके इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं।
- Written By: मनोज आर्या
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Dharmendra Pradhan Resignation Update: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरे देशभर में युवा छात्र सड़कों पर हैं। वहीं, विपक्षी दलों के आक्रामक रूख के बाद सरकार पर भी लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा देंगे? केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व की ओर से सामने आई एक खबर ने इस्तीफे की चर्चाओं पर ब्रेक लगा दिया है। दरअसल, सरकार का मानना है कि नीट पेपर लीक के घटनाओं में धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी है।
गौरतलब है कि मई 2026 में नीट पेपर लीक हुआ था, जिसके बाद छात्रों ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी है। सोमवार, 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दी।
विपक्षी दलों का आक्रामक रुख
छात्रों के विरोध प्रदर्शन में अब राजनीतिक दलों की भी एंट्री हो चुकी है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी ने भी पेपर लीक की घटना को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार के सीनियर अधिकारी ने बताया कि सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि बैठक की जगह को लेकर किसी को भी सख्त रुख नहीं अपनाना चाहिए, जैसा कि सीजेपी जोर दे रही है।
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सरकार में बैठकों का दौर शुरू
इससे पहले 20 जुलाई के दिन कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी के दो प्रतिनिधियों से अपने आवास पर मुलाकात की थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के मांगों को सुनी और उन्हें भरोस दिया गया कि इन मांगों पर उचित प्लेटफॉर्म पर वह रखेंगे। इसके बाद केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं के बीच कई बैठकें हुई, जिनमें जेपी नड्डा के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पीयूष गोयल और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई सीनियर नेता मौजूद रहें।
सरकार ने बातचीत के दिए संकेत
उग्र प्रदर्शन और विपक्षी दलों का आक्रामक रुख देखते हुए केंद्र सरकार ने सीजेपी से बातचीत के लिए संकेत दिया है। हालांकि, सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सीजेपी नड्डा के साथ फिर से बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि, बैठक की जगह को लेकर उन्होंने अपना प्रस्ताव रखा, उनका कहना है कि यह बैठक किसी मंत्री के आवास पर नहीं, बल्कि जंतर-मंतर या किसी अन्य न्यूट्रल जगह पर होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि बातचीत तभी शुरू होनी चाहिए, जब सरकार छात्रों की मांगों को मानने के लिए तैयार हो।
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‘मंत्री के इस्तीफे का सवाल ही नहीं’
कॉकरोच जनता पार्टी की मुख्य मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा की मांग शामिल है। इसके अलावा सीजेपी ने सरकार से मांग की है कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी वापस लिए जाए। अधिकारी ने नीट पुन:परीक्षा के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। नीट पेपर लीक के लिए मंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वह इसमें व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं थे।
