- Hindi News »
- India »
- Widow Demanded For Abortion Delhi High Court Changed The Order
विधवा ने की थी गर्भपात की मांग, पहले दी मंजूरी..फिर कोर्ट को बदलना पड़ा अपना आदेश
- Written By: वैष्णवी वंजारी

बदला विधवा के गर्भपात का फैसला
नई दिल्ली : पिछले साल अक्टूबर महीने में अपने पति की मौत के बाद पेट में पल रहे बच्चे को जन्म न देने की मांग पर कोर्ट ने अपना फैसला वापस ले लिया है और कहा है कि भ्रूण हत्या न तो उचित है और न ही नैतिक है, क्योंकि भ्रूण बिल्कुल सामान्य है।
दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने पिछले साल अक्टूबर में अपने पति को खोने वाली एक महिला को 29 सप्ताह के गर्भ को गिराने (Widow Abortion) की अनुमति देने वाला अपना पूर्व में दिया आदेश मंगलवार को वापस ले लिया। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, ‘‘आदेश वापस लिया जाता है।”
न्यायमूर्ति प्रसाद ने यह फैसला तब दिया है जब केंद्र ने इस आधार पर गर्भपात की अनुमति देने वाले चार जनवरी के आदेश को वापस लेने का अनुरोध करते हुए एक याचिका दायर की है कि बच्चे के जीवित रहने की उचित संभावना है और अदालत को अजन्मे बच्चे के जीवन के अधिकार की रक्षा पर विचार करना चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
कोर्ट में खुद अपना पक्ष रखने उतरे अरविंद केजरीवाल, CBI की दलीलों पर उठाए सवाल; जज बदलने की मांग पर चर्चा
खान मार्केट के रेस्टोरेंट्स को बड़ी राहत, 50 से कम ग्राहकों पर नहीं चाहिए फायर NOC
जज पसंद नहीं तो केस हटा दोगे? लालू यादव का जिक्र कर CBI ने केजरीवाल की दलीलें कीं फेल, हाई कोर्ट में क्या हुआ?
‘कुछ लोग आरोप लगाकर अपना करियर बनाते हैं’, SG तुषार मेहता का तंज; शराब नीति मामले में CBI को हाईकोर्ट का नोटिस
केंद्र सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि मौजूदा मामले में ‘‘गर्भपात तब तक नहीं हो सकता जब तक कि चिकित्सक भ्रूण हत्या न कर दें, जिसमें नाकाम रहने पर जटिलताओं के साथ समय पूर्व प्रसव होगा।”
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में महिला की जांच की गयी है। उसने भी दावा किया है कि यह सलाह दी जाती है कि मां और बच्चे के स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए इस गर्भावस्था को दो-तीन सप्ताह और जारी रखा जाए। एम्स ने कहा कि गर्भावस्था का चिकित्सीय समापन (एमटीपी) अधिनियम के अनुसार प्रमुख असामान्याताओं वाले भ्रूण के लिए 24 सप्ताह से अधिक समय बाद गर्भपात का प्रावधान है और ‘‘इस मामले में भ्रूण हत्या न तो उचित है और न ही नैतिक है क्योंकि भ्रूण बिल्कुल सामान्य है।”
दिल्ली उच्च न्यायालय ने चार जनवरी को अवसाद ग्रस्त एक विधवा को 29 सप्ताह का गर्भ गिराने की अनुमति दी और कहा कि गर्भावस्था जारी रखना उसके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि प्रजनन के विकल्प के अधिकार में प्रजनन न करने का अधिकार भी शामिल है। उच्च न्यायालय ने कहा कि महिला की वैवाहिक स्थिति में बदलाव आया है। उसके पति की मृत्यु 19 अक्टूबर 2023 को हो गई थी और उसे अपने गर्भवती होने की जानकारी 31 अक्टूबर 2023 को हुई।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा था कि महिला को गर्भ गिराने की अनुमति दी जानी चाहिए क्योंकि इसे जारी रखने से उसकी मानसिक स्थिति खराब हो सकती है क्योंकि उसमें आत्महत्या की प्रवृत्ति दिखाई दी है। महिला का विवाह फरवरी 2023 में हुआ था और अक्टूबर में उसने अपने पति को खो दिया, इसके बाद वह अपने मायके आ गई और वहां उसे पता चला कि उसे 20 सप्ताह का गर्भ है।
महिला ने दिसंबर माह में यह निर्णय लिया कि वह गर्भावस्था जारी नहीं रखेगी क्योंकि वह अपने पति की मौत से गहरे सदमे में है। उसके बाद उसने चिकित्सकों से संपर्क किया। गर्भावस्था की अवधि 24 सप्ताह से अधिक हो जाने के कारण उसे गर्भपात की अनुमति नहीं दी गई।
इसके बाद, महिला ने अदालत का रुख किया और चिकित्सकीय गर्भपात की अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया। महिला की मानसिक स्थिति का पता लगाने के लिए एक चिकित्सकीय बोर्ड का गठन किया गया। एम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि महिला अवसादग्रस्त पाई गई है।
Widow demanded for abortion delhi high court changed the order
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Jyeshtha Month: किस दिन शुरू हो रहा है ज्येष्ठ का महीना? जानिए क्या है इसका धार्मिक महत्व
Apr 20, 2026 | 04:04 PMबेंगलुरु बिटकॉइन स्कैम: डिप्टी सीएम डी. के. शिवकुमार के करीबी विधायक के ठिकानों पर ED की छापेमारी
Apr 20, 2026 | 04:01 PMNGO में युवतियों को जबरन नमाज और रोजा रखने पर किया मजबूर, रियाज काजी गिरफ्तार
Apr 20, 2026 | 03:58 PMईरान-अमेरिका में सुलह की कोशिश, पाक आर्मी चीफ मुनीर ने ट्रंप को किया फोन, होर्मुज ब्लॉकेड पर की ये बड़ी मांग
Apr 20, 2026 | 03:52 PMMumbai Local Train अब पाताल में भी चलेगी! चर्चगेट-विरार और CSMT-कल्याण के बीच भूमिगत मार्ग बनाने की तैयारी
Apr 20, 2026 | 03:50 PMMohammad Rizwan की नजरें टी20 इंटरनेशनल में वापसी पर, 2024 के अंत से पाकिस्तान टीम से बाहर
Apr 20, 2026 | 03:48 PMमुर्शिदाबाद में कांग्रेस नेता के घर जोरदार धमाका, छत पर छिपाकर रखे गए थे बम! घर छोड़कर भागा परिवार
Apr 20, 2026 | 03:43 PMवीडियो गैलरी

सरकार की नीयत में खोट, अखिलेश यादव ने आरक्षण बिल को बताया BJP का चुनावी स्टंट, PM मोदी से पूछे कड़े सवाल
Apr 20, 2026 | 01:51 PM
क्या रील की कीमत जान से ज्यादा है? मऊगंज में स्टंटबाजी के दौरान 3 सगे भाइयों की दर्दनाक मौत- देखें VIDEO
Apr 19, 2026 | 10:01 PM
PM मोदी का बंगाल प्लान: ‘0’ बिजली बिल का किया वादा, TMC को बताया विकास का रोड़ा! देखें VIDEO
Apr 19, 2026 | 09:33 PM
क्यों लाखों फॉलोअर्स और शोहरत छोड़ संन्यासी बनीं हर्षा ऋचरिया? जानें इस बड़े फैसले की वजह! देखें VIDEO
Apr 19, 2026 | 09:13 PM
ओबीसी से लेकर परिसीमन तक…PM Modi ने विपक्ष के हर वार का दिया करारा जवाब, कहा- हम झुकेंगे नहीं
Apr 19, 2026 | 01:54 PM
ASP अनुज चौधरी का ‘स्वैग’ या नियमों का मखौल? रील बनाने वाले ‘हीरो’ अफसर की गाड़ी में मिलीं 3 बड़ी कमियां
Apr 18, 2026 | 10:42 PM














