

Jyeshtha Month Start Date: धार्मिक एवं आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से ज्येष्ठ मास सनातन धर्म में बड़ा महत्व रखता है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई से हो रही है। वहीं, इस माह का समापन 29 जून को होगा। इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास का संयोग बन रहा है।
इस माह में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने का विशेष महत्त्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ माह में इन शुभ कामों को करने से साधक को पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ माह (Jyeshtha Month)का शुभारंभ 2 मई से होने जा रहा है, जो 29 जून तक चलेगा। इस बार ज्येष्ठ मास की विशेषता यह है कि इसमें अधिक मास का संयोग बन रहा है, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होता है।
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह का धार्मिक महत्व है। इस बार ज्येष्ठ माह में अधिक मास पड़ रहा है। इसी वजह से इसे पुरुषोत्तम माह भी कहा जाएगा। इस माह को जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस माह में शुभ काम जैसे- जप, तप, और दान-पुण्य आदि करने चाहिए।
इन कामों का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस माह के मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन भगवान राम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी। इसलिए बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने का खास महत्व है।