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Western Disturbance Latest Update: मार्च का महीना आमतौर पर हल्की धूप और खिलखिलाते मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार मौसम के मिजाज ने सबको हैरान कर दिया है। अगर आप यह सोचकर खुश थे कि अब भारी जैकेट और कंबलों को अलविदा कहने का समय आ गया है, तो आपको अपनी योजना बदलनी पड़ सकती है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ताजा चेतावनी ने उत्तर से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक हड़कंप मचा दिया है। देश के 19 राज्यों पर अचानक मौसम का काला साया मंडराने लगा है, जहां सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी हवाएं भी अपना कहर बरपाने को तैयार हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अचानक आए बदलाव के पीछे एक या दो नहीं, बल्कि एक साथ सक्रिय हुए तीन ‘पश्चिमी विक्षोभ’ हैं। यह एक दुर्लभ मौसमी घटना है, जिसने उत्तर-पश्चिम से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक के वायुमंडल को अस्थिर कर दिया है।
इसका सीधा असर यह होगा कि आने वाले कुछ दिनों तक देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने का अनुमान है, जो न केवल फसलों को नुकसान पहुँचा सकती है, बल्कि आम जनजीवन की रफ्तार को भी रोक सकती है।
राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश में तो आलम यह है कि लोगों को एक बार फिर से अपने गर्म कपड़े संदूक से बाहर निकालने पड़े हैं। दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से आसमान बादलों से घिरा हुआ है और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली में 25 मार्च तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और 26 मार्च को झमाझम बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी।
वहीं, उत्तर प्रदेश में आज से ही कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां 30 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं, हालांकि इसके बाद दो दिनों तक मौसम के शुष्क रहने की उम्मीद जताई गई है।
पूर्वोत्तर भारत के लिए अगले चार-पांच दिन बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 24 से 28 मार्च के बीच भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, जहां बिजली गिरने और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा जैसे राज्यों में भी मौसम बिगड़ा रहेगा।
पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 26 से 29 मार्च के बीच मौसम का सबसे खराब दौर देखने को मिल सकता है, जहां 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने का अंदेशा है। बिहार में विशेष रूप से 26 और 27 मार्च को बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है, जिससे किसानों को सतर्क रहने को कहा गया है।
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भले ही वर्तमान में बारिश और ठंडक ने दस्तक दी है, लेकिन यह राहत ज्यादा लंबे समय तक नहीं टिकने वाली है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मौसमी उथल-पुथल के खत्म होते ही उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के तापमान में एक बार फिर तेजी से उछाल आएगा। आने वाले दिनों में पारा 3 से 5 डिग्री तक चढ़ सकता है।
हालिया आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 31°C के आसपास बना हुआ है, जबकि मुंबई में यह 33°C तक पहुंच गया है। पहाड़ों की बात करें तो शिमला और नैनीताल में न्यूनतम तापमान अभी भी 9 से 12 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे वहां पर्यटन पर असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, यह हफ्ता देश के लिए मौसमी उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है।