भारत में आप जहां भी जाएंगे, आपको ‘सूर्य’ को समर्पित मिलेंगे मंदिर, मंत्री जोशी ने ISA सभा में कहीं बात
- Written By: दीपिका पाल
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन-आईएसए सभा (सौ.सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: भारत की राजधानी में इन दिनों भारत मंडपम में 3 नवंबर से 6 नवंबर तक अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन-आईएसए सभा का सातवां सत्र जारी है। इस दौरान कई मुद्दों को लेकर बातचीत की जा रही है। इस सम्मेलन को लेकर उद्घाटन सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस कार्यक्रम को लेकर बात कही हैं इसमें आने वाले अवसरों और संभावनाओं के बारे में जानकारी दी है।
सूर्य को समर्पित मिलेंगे मंदिर
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन-आईएसए सभा के सातवें सत्र के दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “भारत भर में, आप जहाँ भी जाएँगे, आपको ‘सूर्य’ को समर्पित मंदिर मिलेंगे। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, हमें इन समृद्ध परंपराओं से प्रेरणा लेनी चाहिए और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना जारी रखना चाहिए, जीवन को बदलने और हमारे ग्रह की रक्षा करने की इसकी क्षमता को अपनाना चाहिए…सौर ऊर्जा, जो कभी सिर्फ़ एक कल्पना थी, अब एक शक्तिशाली वास्तविकता है, जो दुनिया को एक स्वच्छ और अधिक टिकाऊ रास्ते की ओर ले जा रही है।”
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#WATCH | Delhi | Union Minister Pralhad Joshi addresses the inaugural session of the 7th General Assembly of the International Solar Alliance. He says, “Across India, you will find temples dedicated to ‘Surya’, the god that is sun, anywhere and everywhere you go. As we move… pic.twitter.com/1Hkr0Rplfv — ANI (@ANI) November 4, 2024
क्यों हुई आईएसए की स्थापना की जरूरत
इस कार्यक्रम के दौरान प्रह्लाद जोशी ने कहा कि, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत और फ्रांस के बीच एक संयुक्त पहल की गई है। इस सकारात्मक पहल का नाम आईएसए के नाम से दिया गया है। वहीं पर आगे कहा, आईएसए जैसी पहलों के माध्यम से भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
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श्री जोशी ने बताया कि भारत आज नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई और स्थिरता में अपने नेतृत्व के लिए विश्व स्तर पर पहचाना जाता है। बताया जा रहा हैं कि, 6 नवंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन के दौरान सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दुनियाभर के नेता एकत्र होंगे।
