
तिरुवनंतपुरम/कोझिकोड: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार को कहा कि एक चलती ट्रेन में कथित आगजनी की घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। राज्य के कोझिकोड जिले में बीती रात को हुई इस घटना में एक शिशु समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी।
रविवार रात को अलप्पुझा-कन्नूर एक्जीक्यूटिव एक्सप्रेस के एक डिब्बे के अंदर लोगों को आग लगाने वाले आरोपी व्यक्ति की अभी पहचान नहीं हो पाई है और मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस ने संदेह जताया है कि आरोपी उत्तर भारतीय है और उसने साजिश रचकर घटना को अंजाम दिया, क्योंकि उसके बैग में एक बोतल में पेट्रोल था। रेलवे पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि उसके अलावा कुछ अन्य एजेंसियां भी मामले में जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मामले का आतंकवाद से संबंध है या नहीं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘अभी कोई और जानकारी साझा नहीं की जा सकती। जांच जारी है।” उन्होंने यह भी कहा कि एक यात्री से मिली जानकारी के आधार पर आरोपी व्यक्ति का स्केच जारी किया गया है। मुख्यमंत्री विजयन ने एक बयान में कहा कि पुलिस को घटना के संबंध में विस्तृत जांच का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सक्रियता से हमलावर को पकड़ने की कोशिश कर रही है और राज्य पुलिस प्रमुख अनिल कांत द्वारा जांच की निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाएगी और रेल मंत्रालय से आग्रह है कि वह यात्रियों की सुरक्षा के मामले में हरसंभव कदम उठाए। विजयन ने घटना में एक महिला, उसकी भतीजी (शिशु) और एक व्यक्ति की मौत पर शोक जताया। समझा जाता है कि ये लोग या तो ट्रेन से गिर गए या आग देखकर उससे कूदने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि घटना में एक बच्ची समेत तीन लोगों की जान चली गई तथा कई यात्री झुलस गए, जो दुखद और चौंकाने वाली है।
घटना में नौ लोग झुलस गए हैं, जिन्हें कोझिकोड में विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इससे पहले बताया था कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। रविवार देर रात को ट्रेन में आग लगने की घटना के बाद से एक महिला, एक शिशु और एक व्यक्ति लापता था, जिनके शव यहां एलत्तूर रेलवे स्टेशन के पास पटरियों से बरामद किए गए। पुलिस का मानना है कि या तो वे ट्रेन से गिर गए थे या उन्होंने आग देखकर रेलगाड़ी से कूदने का प्रयास किया था।
पुलिस ने इससे पहले कहा था, ‘‘फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर जांच कर रही है।” उन्होंने कहा कि रेल की पटरियों से एक बैग भी बरामद हुआ है और माना जा रहा है कि यह बैग आरोपी का है, जिसमें पेट्रोल की बोतल मिली है। पुलिस ने कहा, ‘‘इसके अलावा बैग में और कुछ नहीं है। यह कोई आतंकवादी कृत्य नहीं लगता है। इस बारे में वर्तमान में कोई सूचना या संपर्क का पता नहीं चला है।” घटना रविवार को रात करीब पौने दस बजे हुई। घटना के वक्त ट्रेन कोझिकोड क्रॉसिंग को पार कर यहां कोरापुझा रेलवे पुल पहुंची थी।
शुरुआत में यह माना गया कि घटना आरोपी और एक अन्य यात्री के बीच झगड़े का परिणाम थी। इसके बाद पुलिस और डिब्बे में मौजूद एक यात्री ने कहा कि आरोपी का किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ था। पुलिस ने कहा कि आरोपी ने यात्रियों पर एक ज्वलनशील तरल पदार्थ डाला और उसमें आग लगा दी। समझा जाता है कि यह ज्वलनशील पदार्थ पेट्रोल था। घटना में नौ लोग झुलस गए। रेलवे पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘यात्रियों में से किसी ने भी नहीं कहा कि उनका आरोपी के साथ कोई झगड़ा हुआ या बहस हुई थी।”
मामूली रूप से झुलसे घायल यात्रियों में से एक ने एक टीवी चैनल को बताया कि व्यक्ति बिना कुछ बोले या आवाज किए अचानक आया और उसने कई लोगों पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। उसने कहा, ‘‘यह बहुत अप्रत्याशित था। डिब्बे में कुछ ही लोग थे। जब उसने लोगों को आग लगाई, तो सभी घबरा गए और भागने लगे।” राज्य के बंदरगाह मंत्री और कोझिकोड दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से विधायक अहमद देवरकोविल ने संवाददाताओं से कहा कि यह घटना दुखद और चौंकाने वाली है। उन्होंने बताया कि पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हमलावर की उम्र करीब 25 वर्ष बताई जा रही है।
मंत्री ने कहा, ‘‘पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को पकड़ने की कोशिश कर रही है।” राज्य विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नितला ने कहा कि ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है और अब ट्रेन में चढ़ने से पहले सभी की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा, अगर लोग ट्रेनों में सुरक्षित यात्रा नहीं कर सकते। यह एक अभूतपूर्व घटना है। राज्य और केंद्र सरकारों को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए।”
चेन्नितला ने यह भी दावा किया कि यह घटना रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) के कामकाज में अक्षमता का एक उदाहरण है। इससे पहले, दिन में रेलवे पुलिस ने कहा था कि घायलों में से कुछ 50 फीसदी तक जल चुके हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। इसमें कहा गया है कि पटरियों पर पाए गए शवों पर जलने के कोई निशान नहीं थे। घटना के तुरंत बाद आरोपी फरार हो गया, जबकि यात्रियों द्वारा आपातकालीन जंजीर खींचने के बाद घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जब ट्रेन कन्नूर पहुंची, तो कुछ यात्रियों ने घटना के बाद एक महिला और एक बच्चे के लापता होने की शिकायत की।
एक यात्री ने कन्नूर में मीडियाकर्मियों को बताया, “एक घायल शख्स महिला और बच्चे की तलाश कर रहा था। हमें उस महिला के जूते और मोबाइल फोन मिले हैं।” लापता लोगों की खबर सामने आने के तुरंत बाद, पुलिस ने पटरियों का निरीक्षण किया और महिला, बच्चे तथा एक अधेड़ व्यक्ति सहित तीन शव बरामद किए। जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें संदिग्ध के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। जांच जारी है।”






