

Mumbai Mandwa RO-RO Ferry Fare Hike: खाड़ी देशों में युद्ध के तनाव के चलते स्थिति खराब होती जा रही है। गैस सिलेंडर के बाद अब इसका असर मुंबई के समुद्री ट्रांसपोर्ट पर भी दिखने लगा है।
तेज गति, सुविधा और समय बचाने की वजह से चर्चित हुई मुंबई-मांडवा रो-रो बोट सेवा पर महंगाई की मार पड़ने लगी है। ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने इस सेवा पर असर डाला है और यात्री किराए में जल्द वृद्धि होने की संभावना है।
किराया बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। मुंबई-मांडवा रो-रो सर्विस अलीबाग जाने वाले यात्रियों और गाड़ी मालिकों के लिए 'जीवन रेखा' बन गई है।
दूसरी तरफ आम यात्रियों के लिए पारंपरिक लकड़ी की फेरी बोट सस्ती और ज्यादा क्षमता की वजह से एक जरूरी विकल्प हैं। हालांकि, फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी से अब पूरे समुद्री ट्रांसपोर्ट के टिकट के दाम बढ़ने की संभावना है। मुंबई से मांडवा तक एक रो-रो बोट को एक फेरी के लिए लगभग दो हजार लीटर फ्यूल की जरूरत होती है। इस सेवा के लिए मुख्य रूप से हेवी फ्यूल ऑयल (एचएफओ) का इस्तेमाल किया जाता है।
जहां रो-रो सेवा वाहन मालिकों और जल्दी यात्रा करने वालों के लिए ‘जीवन रेखा’ बनी हुई है, वहीं आम यात्रियों के लिए पारंपरिक लकड़ी की फेरी बोट अभी भी सस्ता विकल्प है। हालांकि, ईंधन महंगाई का असर इन सेवाओं पर भी पड़ने की आशंका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो पूरे समुद्री परिवहन क्षेत्र में टिकट दरों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा और यात्रा लागत बढ़ेगी।
अब सभी की नजर राज्य सरकार के फैसले पर टिकी है। अगर किराया बढ़ाने को मंजूरी मिलती है, तो मुंबई से अलीबाग तक का सफर महंगा हो सकता है, जिससे यात्रियों की संख्या और विकल्पों पर भी असर पड़ सकता है।