लोकसभा में पेश किया गया ‘संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2022′
- Written By: किर्तेश ढोबले
File- photo
नई दिल्ली: सरकार ने त्रिपुरा राज्य के संबंध में कुछ समुदायों को अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल करने के लिए ‘संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950′ में संशोधन करने वाला एक विधेयक लोकसभा में पेश किया। केंद्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने लोकसभा में ‘संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2022′ पेश किया।
विधेयक पेश किये जाने का विरोध करते हुए कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार को अनेक राज्यों के विभिन्न समुदायों को अनुसूचित जनजातियों में शामिल करने की मांगों पर विचार कर एक व्यापक विधेयक लाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मैं विरोध के लिए नहीं कह रहा, सलाह के तौर पर सरकार से यह बात कहना चाहता हूं।”
चौधरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल, झारखंड और अन्य कुछ राज्यों में कुर्मी समाज के लाखों लोग अनुसूचित जनजाति में शामिल होने की मांग सालों से करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सबसे पुराने समुदायों में से एक है और इसे अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के पीछे अनेक तर्क रखे गये हैं।
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उन्होंने कहा कि इसलिए सरकार को ऐसी सभी मांगों पर विचार करते हुए व्यापक विधेयक लाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री मुंडा ने कहा कि इस विषय को सभी राज्यों में अनुसंधान के बाद राज्यों की सिफारिश के आधार पर समीक्षा के आधार पर लाया जाता है। उन्होंने कहा कि हर राज्य के एक-एक समुदाय के बारे में अध्ययन होता है और यह प्रक्रिया विभिन्न स्तर पर होती है।
