चुनाव में किया था वादा…इसलिए ले ली 100 की जान, तेलंगाना में आवारा कुत्तों के कत्लेआम पर मचा बवाल
Telangana Animal Cruelty Case: तेलंगाना के याचरम में लगभग 100 कुत्तों को जहर देकर मारने का आरोप। FIR दर्ज, पंचायत और ठेकेदार शामिल, मामले ने पशु संरक्षण और कानून पालन पर सवाल उठाए।
- Written By: अक्षय साहू
पुणे मिशन अन्नदा आवारा कुत्तों को खाना खिलाने का प्लान (सोर्स- सोशल मीडिया)
Telangana 100 Stray Dogs Killed: तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के याचरम गांव में लगभग 100 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मारने के आरोप में राचाकोंडा पुलिस ने मामला दर्ज किया है। FIR के अनुसार घटना 19 जनवरी को सुबह 9 बजे हुई, जबकि इसकी सूचना पुलिस को 20 जनवरी को दोपहर 1 बजे मिली। मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 325 r/w 3(5) और Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 की धारा 11(1)(a)(i) के तहत दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार यह घटना पुलिस स्टेशन से केवल 1 किलोमीटर की दूरी पर हुई। सब‑इंस्पेक्टर उय्याला मधु ने मामले की जांच शुरू होने की पुष्टि की, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
गांव के सरपंच पर आरोप
शिकायत नागरकुर्नूल की ऐनिमल क्रुएल्टी प्रिवेंशन असिस्टेंट मुड़ावत प्रीति (22) ने दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि याचरम गांव के सरपंच, एक वार्ड सदस्य, गांव सचिव और अन्य लोगों ने मिलकर कुत्तों को एनेस्थीसिया इंजेक्शन देकर मारने की साजिश रची। शिकायत में बताया गया कि एक कॉल में वार्ड सदस्य ने कहा कि कुत्तों को ‘शिफ्ट’ किया गया, जबकि दूसरी कॉल में उसने स्वीकार किया कि उन्हें इंजेक्शन दिया गया। स्थानीय लोगों ने भी पुष्टि की कि इंजेक्शन देने के बाद कुत्ते मृत पाए गए।
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पहले भी सामने आया मामला
तेलंगाना में यह मामला उस समय सामने आया जब हाल ही में ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान उम्मीदवारों ने ‘कुत्ता‑मुक्त गांव’ बनाने का वादा किया था। हनमकोंडा और कामारेड्डी जिलों में सात सरपंचों सहित 15 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। शुरुआती जांच में पता चला कि पिछले दो हफ्तों में कम से कम 500 कुत्तों की हत्या की गई। शायमपेट, अरेपल्ली और पलवांचा क्षेत्रों में 110 कुत्तों के शव बरामद हुए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ‘अज्ञात टॉक्सिन’ बताया गया।
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इन मामलों में शामिल थे सात सरपंच, जिन्होंने कथित रूप से कुत्तों को मारने की अनुमति दी, ग्राम पंचायत सचिव और स्टाफ जिन्होंने रसद और डॉग‑कैचर्स की व्यवस्था की, और तीन निजी कॉन्ट्रैक्टर जिन्हें जहर और इंजेक्शन के माध्यम से कुत्तों को मारने के लिए नियुक्त किया गया। दोनों घटनाओं ने तेलंगाना में पशु संरक्षण, ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली और एंटी‑क्रुएल्टी कानूनों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐनिमल वेलफेयर समूह सरकार और पुलिस से कड़ी कार्रवाई और सख्त निगरानी की मांग कर रहे हैं।
