आरोपी शिक्षक अनिल जगन राऊत (सौजन्य-नवभारत)
Wadegaon School News: भंडारा जिले के वडेगांव जिला परिषद स्कूल में पांच नाबालिग छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करने वाले आरोपी शिक्षक अनिल जगन राऊत (54) की गिरफ्तारी के बाद उसके काले कारनामों की लंबी सूची सामने आई है। इस खुलासे ने न केवल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं, बल्कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।
आरोपी शिक्षक का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। वर्ष 2010 में गोंदिया जिले के एक स्कूल में छात्रा के साथ शोषण करने के आरोप में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद उसने आयुक्त कार्यालय में अपील की, जहां 2012 में अपर आयुक्त ने उसे आंशिक दोषी मानते हुए बहाल कर दिया। बहाली के बाद उसकी नियुक्ति लाखांदुर तहसील के गवराला स्कूल में हुई, लेकिन वहां भी उसकी आदतें नहीं सुधरीं। आरोपी के खिलाफ लाखांदुर पुलिस थाने में कई शिकायतें दर्ज हैं।
2018 में उसने अपने ही एक मित्र की बेटी (आठवीं की छात्रा) के साथ शोषण किया था। इसके अलावा एक सहकर्मी शिक्षक की बेटी के साथ भी अश्लील हरकत करने का आरोप उस पर लगा। बताया जा रहा है कि इनमें से एक मामले में उसे तीन वर्ष की सजा भी हो चुकी है। करीब पांच साल पहले मलेघाट गांव के स्कूल में भी छात्राओं के साथ अशोभनीय व्यवहार की शिकायतों के बाद उसका तबादला किया गया था।
वडेगांव स्कूल में यह शिक्षक पिछले दो वर्षों से छात्राओं को डरा-धमकाकर उनका शोषण कर रहा था। हैरानी की बात यह है कि स्कूल मात्र दो शिक्षकों का है और मुख्याध्यापक के कक्ष के ठीक बगल वाले कमरे में आरोपी ऐसी घिनौनी हरकतें करता था। मुख्याध्यापक की इस मामले में अनभिज्ञता ने उनकी भूमिका को भी संदिग्ध बना दिया है।
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सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस व्यक्ति को पहले बर्खास्त किया जा चुका था और जो सजायाफ्ता अपराधी था, उसे बार-बार बच्चों के बीच पढ़ाने के लिए नियुक्त कैसे किया गया? ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम उठाए होते, तो आज वडेगांव की मासूम छात्राएं इस प्रताड़ना का शिकार न होतीं। फिलहाल पवनी पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
पवनी तहसील के वडेगांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के आरोपी शिक्षक अनिल राउत (54) को पवनी पुलिस ने भंडारा न्यायालय में पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी शिक्षक को तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश सुनाया है। पुलिस हिरासत के दौरान आरोपी से इस घिनौने अपराध के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
छात्राओं के साथ हुए शर्मनाक कृत्य को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिलिंदकुमार सालवे ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी शिक्षक अनिलकुमार राऊत को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।साथ ही उसे स्थ्ज्ञई रूप से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।