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लड़ाकू विमान तेजस अब नहीं होगा हादसे का शिकार, हाइब्रिड ब्रेक पैराशूट कराएगा सुरक्षित लैंडिंग

Tejas Fighter Jet: ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड ने तेजस लड़ाके विमान के लिए हाइब्रिड ब्रेक पैराशूट विकसित किया है। यह पैराशूट आपात स्थिति में भी छोटे रनवे पर सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करेगा।

  • By रंजन कुमार
Updated On: Jan 04, 2026 | 08:04 AM

तेजस फाइटर जेट। इमेज-सोशल मीडिया

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Defense News: अब तेजस लड़ाकू विमान को कानपुर स्वदेशी सुरक्षा कवच देगा। इससे रक्षा क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बनने की राह में एक और कदम आगे बढ़ेगा। भारतीय वायु सेना के लाइट कांबैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस को सुरक्षित लैंड कराने के लिए रक्षा मंत्रालय के पीएसयू ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (GIL) ने आयुध पैराशूट निर्माणी कैंट में हाइब्रिड ब्रेक पैराशूट बनाया है। इसका सफल परीक्षण हो गया है। ये हाइब्रिड ब्रेक पैराशूट सिस्टम लड़ाकू जेट को आपात स्थिति में 340 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड में भी छोटे रनवे में सुरक्षित लैंडिंग करा देगा।

यह पैराशूट यूनि क्रास मेन कैनोपी डिजाइन पर बेस्ड है। इसका विस्तार 5.75 मीटर और कुल 17 वर्ग मीटर के क्षेत्र को कवर करता है। इस खास बनावट के कारण यह हवा के दबाव को कुशल तरीके से झेलने में सक्षम है। लड़ाकू विमान को स्थिर रखते हुए उसकी गति को तेजी से कम करता है। सबसे बड़ी विशेषता है कि महज 10 किलोग्राम वजन है। यह पैराशूट लड़ाकू विमान की तेज गति को संभालता है। यह सिस्टम युद्ध के मैदान में पायलटों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और छोटे रनवे पर भी विमान की सफल लैंडिंग सुनिश्चित करेगा। इस पहल से भारत की रूस पर से निर्भरता नहीं रहेगी।

7 साल पहले ओपीएफ पैराशूट बनाने की तकनीक

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 7 साल पहले आयुध पैराशूट निर्माणी यानी ओपीएफ को तेजस लड़ाकू विमान के लिए ब्रेक पैराशूट बनाने की तकनीकी हस्तांतरित की थी। इसके बाद से ओपीएफ में भारतीय वायु सेना और हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड की मांग पर ब्रेक पैराशूट की आपूर्ति की जाती रही है। अब रक्षा उत्पादन विभाग से 300 हाइब्रिड ब्रेक पैराशूट के ऑर्डर को लेकर ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड, रक्षा उत्पादन विभाग और एचएएल के बीच बातचीत चल रही है। सब कुछ सही रहा तो जल्द पैराशूट सिस्टम के ऑर्डर मिल सकते हैं।

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नए ऑर्डर के लिए बातचीत जारी

ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड के सीएमडी एमसी बालासुब्रमणियम का कहना है कि तेजस एलसीए के लिए हाइब्रिड ब्रेक पैराशूट सिस्टम बनाना संस्थान की बड़ी उपलब्धि है। जीआईएल की इकाई ओपीएफ के पास ये पैराशूट सिस्टम बनाने की तकनीकी दक्षता है। आत्मनिर्भर भारत मुहिम में यह उपलब्धि अहम योगदान देगी। नए ऑर्डर के लिए वार्ता चल रही है।

Tejas fighter jet will no longer be accident prone hybrid brake parachute will ensure safe landing

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Published On: Jan 04, 2026 | 08:04 AM

Topics:  

  • Defence Deal
  • Defense Department
  • DRDO
  • Tejas Fighter Jet
  • Uttar Pradesh News

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