Tamil Nadu News: CM विजय को वोट देने वाले AIADMK के 25 विधायकों पर गिरी गाज, EPS ने दिखाया बाहर का रास्ता
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान CM विजय का समर्थन करने वाले AIADMK के 25 बागी विधायकों पर सख्त कार्रवाई की गई है। पार्टी महासचिव ईपीएस ने उन्हें पदों से हटा दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
विजय और EPS, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Tamil Nadu Politics AIADMK Action MLAs: तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला जब AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने अपनी पार्टी के बागी विधायकों और नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार के पक्ष में विधानसभा में मतदान करने के कारण इन सभी नेताओं को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया गया है, जिसे पार्टी के भीतर अब तक की सबसे बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जा रहा है।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर गिरी गाज
AIADMK प्रमुख ईपीएस ने बुधवार को घोषणा की कि 13 मौजूदा विधायकों सहित कुल 29 पार्टी नेताओं को उनके पदों से मुक्त कर दिया गया है। इस सूची में पार्टी के कई दिग्गज चेहरे शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी के व्हिप और आदेशों की खुलेआम अवहेलना की।
प्रमुख नामों में सी.वी. षणमुगम, एस.पी. वेलुमणि, विजयभास्कर और नाथम आर. विश्वनाथम जैसे बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं। इसके अलावा, ईपीएस ने आर. कामराज, थंगामणि, के.पी. अनबझगन और एम.आर. विजयभास्कर जैसे पूर्व मंत्रियों को भी दंडित किया है और उनकी जगह नए जिला सचिवों की नियुक्ति कर दी है।
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‘क्रॉस-वोटिंग’ का खेल
तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को हुए विश्वास प्रस्ताव के दौरान टीवीके सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 118 वोटों की आवश्यकता थी। टीवीके के पास अपने केवल 105 विधायक थे। हालांकि, अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों द्वारा की गई ‘क्रॉस-वोटिंग’ ने बाजी पलट दी और विजय सरकार के पक्ष में मतों की संख्या बढ़कर 144 तक पहुंच गई।
इस मतदान के दौरान मुख्य विपक्षी दल DMK ने सदन से वॉकआउट किया, जबकि PMK मतदान से दूर रही। भारतीय जनता पार्टी का एकमात्र विधायक भी इस प्रक्रिया में निष्पक्ष रहा। ईपीएस गुट के 21 विधायकों ने अपनी ही पार्टी के रुख से इतर सरकार के खिलाफ वोट किया। जिससे पार्टी के भीतर साफ तौर पर विभाजन नजर आया।
विपक्ष के आरोप
इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष और द्रमुक विधायक उदयनिधि स्टालिन ने टीवीके सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजय की सरकार ‘उधार’ के सहयोगियों के सहारे टिकी है और उन्होंने अन्नाद्रमुक को विभाजित करके सत्ता हासिल की है। विपक्षी सदस्यों ने सदन में विश्वास प्रस्ताव के दौरान विधायकों की खरीद-फरोख्तके भी गंभीर आरोप लगाए।
बागी गुट की सफाई
दूसरी ओर, बागी नेता सी.वी. षणमुगम ने अपनी कार्रवाई का बचाव किया है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि टीवीके और अन्नाद्रमुक का वैचारिक एजेंडा समान है और दोनों ही डीएमके को एक ‘बुरी ताकत’ के रूप में देखते हैं। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि उन्हें सरकार का समर्थन करने के बदले में कोई मंत्री पद मिलने वाला है।
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इस राजनीतिक संकट की आंच केवल अन्नाद्रमुक तक सीमित नहीं रही। AMMK के एकमात्र विधायक एस. कामराज ने भी टीवीके के पक्ष में वोट दिया। जिसके बाद पार्टी प्रमुख टी.टी.वी. दिनाकरण ने उन्हें 12 मई को ही पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
