आधी इच्छा पूरी…आधी रही अधूरी! तमिलनाडु में कांग्रेस-DMK की शीट शेयरिंग तय, कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा चुनाव?
Tamil Nadu Assembly Elections: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर डीएमके-कांग्रेस के बीच गठबंधन पर आखिरी मुहर लग चुकी है। हालांकि इस बंटवारे में डीएमके ने कांग्रेस की आधी इच्छा ही पूरी की है।
- Written By: अभिषेक सिंह
मल्लिकार्जुन खड़गे व एमके स्टालिन (सोर्स- सोशल मीडिया)
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर डीएमके-कांग्रेस के बीच गठबंधन पर आखिरी मुहर लग चुकी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को सीएम और डीएमके चीफ एमके स्टालिन के साथ टेलीफोन पर बात की। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने बहुप्रतीक्षित सीट बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप दे दिया है।
डीएमके नेतृत्व के साथ कई दौर की बातचीत के बाद अंततः सीट बंटवारे पर मुहर लग गई है। इस समझौते के तहत कांग्रेस को 28 विधानसभा सीटें दी गई हैं। शुरुआत में कांग्रेस 35 सीटों की अपनी मांग पर मजबूती से अड़ी हुई थी। वहीं, डीएमके 25 से अधिक सीटें देने को राजी नहीं थी। इसी खींचतान के कारण यह पूरा मामला काफी समय से फंसा हुआ था।
कांग्रेस को मिलेगी राज्यसभा सीट?
होली के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद पहल करते हुए डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन को टेलीफोन घुमा दिया। इसी चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच सीट बंटवारे के पेंच पर सहमति बन गई। इस नए समझौते के तहत डीएमके ने सहयोगी कांग्रेस पार्टी को 28 विधानसभा सीटों के साथ ही एक राज्यसभा सीट भी देने का वादा किया है।
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क्या चाहती थीं कांग्रेस-डीएमके?
राज्य की 234 विधानसभा सीटों में से डीएमके ने कांग्रेस को 25 विधानसभा और एक राज्यसभा सीट का अंतिम प्रस्ताव दिया था, जिसे उसने ठुकरा दिया था। कांग्रेस किसी भी कीमत पर 30 से कम सीटों पर लड़ने को तैयार नहीं थी। इस गतिरोध को सुलझाने और सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय करने के लिए कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व पी चिदंबरम को अहम जिम्मेदारी सौंपी थी।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने संभाला मोर्चा
पी चिदंबरम ने स्टालिन समेत डीएमके के कई दिग्गज नेताओं के साथ लंबी चर्चा की। हालांकि, बातचीत और तमाम प्रयासों के बावजूद दोनों दलों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई। इसके विफल होने पर अंततः कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने खुद मोर्चा संभाला और स्टालिन से सीधे बात की।
पिछली बार कितनी सीटें मिली थीं?
पिछले चुनाव में डीएमके ने कांग्रेस को 25 सीटें दी थीं, जहां उसके 18 विधायक जीते थे। इसी प्रदर्शन के आधार पर कांग्रेस ने 35 विधानसभा और 2 राज्यसभा सीटों की मांग रखी थी। वहीं, डीएमके 10 सीट कम यानी 25 देने पर राजी थी। अब सीट शेयरिंग में कांग्रेस 7 सीटें अपनी मांग से नीचे उतरी है और एक राज्यसभा सीट पर ही राजी हो गई है। इस लिहाज से देखें तो DMK ने आधी इच्छा ही पूरी की है।
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सीट बंटवारे पर सहमति बनते ही तमिलनाडु के आगामी चुनावी महासंग्राम में सत्ताधारी डीएमके गठबंधन ने अपनी मजबूत स्थिति स्पष्ट कर दी है। डीएमके-कांग्रेस के बीच हुए इस का आधिकारिक ऐलान जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किया जाएगा।
सत्ता शेयरिंग पर किया था इनकार
दूसरी तरफ राज्य के कांग्रेस नेता तमिलनाडु की सत्ता में हिस्सेदारी की भी मांग कर रहे थे। कुछ दिन पहले कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने जोर-शोर से यह मांग उठाई थी, लेकिन डीएमके ने कांग्रेस को सत्ता में भागीदार बनाने से साफ इनकार कर दिया था।
