स्वाति मालीवाल ने लिखा CM ममता बनर्जी को पत्र, कोलकाता कांड पर उठाए कई सवाल
कोलकाता में घटी घटना को लेकर आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। उस पत्र में उन्होंने सीएम ममता के राज में राज्य में हो रही घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त किया है।
- Written By: शानू शर्मा
स्वाति मालीवाल
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ घटी घटना का विरोध जताते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राज्य के हाल और सीएम ममता बनर्जी के पार्टी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होने स्वतंत्रा दिवस के जश्न को लेकर भी सवाल किया है। उन्होंने कहा कि हम जश्न कैसे मना सकते हैं जब हमारे देश में महिलाएं भय मुक्त नहीं हैं।
मालीवाल ने पत्र लिखते हुए ममता सरकार पर की गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि सरकार की चुप्पी गंभीर चिंता पैदा कर रही है।
ममता सरकार को लिखा पत्र
उन्होंने ममता बनर्जी को पत्र लिखते हुए कहा, ‘दीदी, देश की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री के रूप में, हममें से कई लोगों को आपसे बहुत उम्मीदें थी। चुनावों में अधिक संख्या में महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए आपकी तारीफ भी की गई है। आपकी मेहनत से कई महिलाएं अब संसद सदस्य के रूप में सीटें संभाल रही हैं। फिर भी, इस मामले में आपकी सरकार की कार्रवाइयां इस जघन्य अपराध को छिपाने की परेशान करने वाली कोशिशों से लेकर लापरवाही में शामिल लोगों को पुरस्कृत करने और आपकी पार्टी की चुप्पी ने दुष्कर्म के घृणित राजनीतिकरण को उजागर किया है।’
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उन्होने लिखा, ‘पश्चिम बंगाल में पहले भी यौन हिंसा के मामलों से निपटने में इसी तरह की विफलताएं देखी गई हैं। आपकी सरकार की बार-बार की चुप्पी और विक्षेप आज भी गंभीर चिंताएं पैदा कर रहे हैं। आज हमारा महान राष्ट्र स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। सभी के लिए स्वतंत्रता, न्याय और समानता का प्रतीक है। मैं खुद को निराशा की गहरी भावना से जूझता हुआ पा रही।
कैसे जश्न मना सकता है देश
उन्होंने लिखा कि जब हमारे समाज का ताना-बाना क्रूरता के ऐसे अकथनीय कृत्यों से टूट गया है तो हम वास्तव में कैसे जश्न मना सकते हैं? जब हमारे देश की महिलाएं दुष्कर्म और हत्या के भय से मुक्त नहीं हैं तो हम अपनी आजादी का जश्न कैसे मना सकते हैं? इस भयानक अपराध ने हमारे उत्सवों पर काली छाया डाल दी है।’
