बाबुल सुप्रियो, बंगाल के पूर्व DGP राजीव कुमार, सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी और ममता बनर्जी, फोटो- AI
TMC Rajya Sabha Members Update: पश्चिम बंगाल में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी रणनीति के तहत टॉलीवुड की ‘क्वीन’ कोयल मल्लिक, वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी और पूर्व पुलिस अधिकारी राजीव कुमार को मैदान में उतारकर सबको चौंका दिया है। पार्टी ने इन चेहरों के जरिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल सहित 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। बंगाल की 5 खाली होने वाली सीटों में से विधानसभा के संख्या बल के आधार पर तृणमूल कांग्रेस की चार और भाजपा की एक सीट पर जीत तय मानी जा रही है। 294 सदस्यीय विधानसभा में TMC के पास लगभग 223-225 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास 64-65 विधायक हैं। नामांकन की प्रक्रिया 26 फरवरी से शुरू होकर 5 मार्च तक चलेगी।
TMC की सूची में सबसे चर्चित नाम अभिनेत्री कोयल मल्लिक का है। प्रसिद्ध अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी कोयल केवल बंगाली फिल्म उद्योग का एक बड़ा चेहरा ही नहीं हैं, बल्कि वे विधवाओं और अनाथ बच्चों के लिए काम करने वाली एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। कोलकाता के भवानीपुर के ‘मल्लिका बाड़ी’ परिवार से ताल्लुक रखने वाली कोयल ने मनोविज्ञान में स्नातक किया है। साल 2013 में फिल्म निर्माता निस्पल सिंह से शादी के बाद उनके दो बच्चे हैं। उन्हें राज्यसभा भेजकर TMC ऊपरी सदन में जाने-माने सार्वजनिक चेहरों को शामिल करने की अपनी रणनीति को आगे बढ़ा रही है।
पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी को भी उम्मीदवार बनाया है। मेनका वही वकील हैं जिन्होंने धारा 377 को चुनौती देने वाली ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई लड़ी थी। यदि वे जीतती हैं, तो वे संसद के इतिहास में पहली LGBTQ सदस्य होंगी जो सांसद बनेंगी। इसके अलावा, पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में ममता सरकार के मंत्री बाबुल सुप्रियो और पश्चिम बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार पर भी भरोसा जताया है। राजीव कुमार सारदा चिट फंड केस के दौरान चर्चा में रहे थे।
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बाबुल सुप्रियो पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्होंने BJP छोड़कर 2021 में TMC जॉइन की, उपचुनाव जीता और ममता सरकार में मंत्री बने। राजीव कुमार पूर्व IPS अधिकारी और पश्चिम बंगाल के DGP रहे हैं, जो सारदा चिटफंड मामले की जांच के दौरान राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के टकराव में चर्चा में रहे।
TMC की इस घोषणा के तुरंत बाद बंगाल भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बंगालियों के हितों को नुकसान पहुंचा रही हैं क्योंकि उनके 50% उम्मीदवार ‘गैर-बंगाली’ हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या ममता बनर्जी को पर्याप्त बंगाली उम्मीदवार नहीं मिले या वे उन लोगों को खुश कर रही हैं जो उनके ‘गुप्त राज’ जानते हैं। हालांकि, TMC ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि ये उम्मीदवार हर भारतीय के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के वादे को निभाएंगे।