युवाओं के लिए सफलता के मंत्र हैं 'स्वामी विवेकानंद' के यह अनमोल विचार...

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स्वामी विवेकानंद जयंती
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नई दिल्ली: उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए’ का संदेश देने वाले युवाओं के प्रेरणास्रोत, समाज सुधारक युवा युग-पुरुष ‘स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda)'vका आज जन्मदिन है। 12 जनवरी 1863 को उनका जन्म कलकत्ता में हुआ था। हर साल इसी दिन (12 जनवरी) को राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day 2022) के रूप में मनाया जाता है। 

स्वामी विवेकानंद को धर्म और अध्यात्म के प्रति गहरा लगाव था। उन्हें धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान, साहित्य का ज्ञाता कहा जाता है. वह एक ऐसे महापुरुष थे जिनकी ओजस्वी वाणी और मूल मंत्र आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है। 

उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए जो बातें कहीं वह आज भी याद की जाती है। यही कारण है कि हर साल स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के के रूप में मनाया जाता है। 

स्वामी विवेकानंद

युवाओं का सही मार्गदर्शन करने के लिए स्वामी विवेकानंद ने सफलता के कई  मंत्र दिए हैं। उनके विचार लोगों की सोच और व्यक्तित्व बदलने वाले हैं। आज उनके जन्म दिवस पर हम आपके लिए लाए हैं स्वामी विवेकानंद द्वारा दिए गए सफलता के कुछ ऐसे मंत्र जो युवाओं में ऊर्जा और प्रोत्साहन को बढ़ा देंगे।

1. उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए।

2. जिस प्रकार केवल एक ही बीज पूरे जंगल को पुनर्जीवित करने के लिए पर्याप्त है। उसी प्रकार एक ही मनुष्य विश्व में बदलाव लाने के लिए पर्याप्त है। ये मनुष्य आप हो सकते हैं।

3. तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता। तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना है। आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नहीं है।

4. सब कुछ खोने से ज्यादा बुरा उस उम्मीद को खो देना जिसके भरोसे हम सब कुछ वापस पा सकते हैं।

5. जमीन अच्छी है, खाद अच्छा है, परंतु पानी अगर खारा है, तो फूल खिलते नहीं हैं। भाव अच्छे हैं, कर्म भी अच्छे हैं, मगर वाणी खराब है, तो संबंध कभी टिकते नहीं हैं।

6. युवा वही होता है, जिसके हाथों में शक्ति, पैरों में गति, हृदय में ऊर्जा और आंखों में सपने होते हैं।

7. बहुत सी कमियों के बाद भी हम खुद से प्रेम करते हैं, तो दूसरों में एक कमी से कैसे घृणा कर सकते हैं।

8. पहले हर अच्छी बात का मजाक बनता है। फिर विरोध होता है। अंत में उसे स्वीकार कर लिया जाता है।

9. संगति आप को ऊंचा उठा भी सकती है और यह आप की ऊंचाई से गिरा भी सकती है। इसलिए संगति अच्छे लोगों से करें।

10. किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आए तो आप सुनिश्चित हो सकते है कि आप गलत मार्ग पर चल रहे है। 

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