
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को बिज़नेसमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और उनके परिवार के सदस्यों को हाई लेवल वाली Z+ कैटेगरी की सिक्योरिटी प्रदान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने भारत के अलावा विदेशों में भी Z+ कैटेगरी की सिक्योरिटी प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इसका पूरा खर्च अंबानी परिवार ही उठाएगा।
बता दें कि अब तक इस सुरक्षा का खर्चा केंद्रीय गृह मंत्रालय उठाता था, लेकिन अब अंबानी परिवार को यह खर्च उठाना होगा। Z+ कैटेगरी की सिक्योरिटी पर 40 से 45 लाख रुपए महीना खर्च होता है।
Supreme Court directs to provide highest level Z+ security cover to businessman Mukesh Ambani and his family members throughout India & abroad. Entire cost of providing highest level Z+ security cover within territory of India or abroad shall be borne by them, court said. pic.twitter.com/qABwon3eIU — ANI (@ANI) February 28, 2023
Z+ कैटेगरी की सिक्योरिटी पाने वाला ये पहला उद्योगपति परिवार बन गया है। इससे पहले किसी भी उद्द्योगपति को यह सिक्योरिटी प्रदान नहीं की गई थी। मुकेश अंबानी और उनके परिवार को 2013 में Z कैटेगरी की सिक्योरिटी दी गई थी। इसे अब Z+ कर दिया गया है।
अंबानी को 2013 में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से धमकी मिली थी। जिसके बाद तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने उन्हें Z और उनकी पत्नी नीता अंबानी को Y+ सिक्योरिटी प्रदान की थी।
उल्लेखनीय है 2021 में मुंबई में मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के बाहर 20 जिलेटिन स्टिक वाली एक कार भी बरामद हुई थी। वहीं इसमें एक नोट भी मिला था जिसमें मुकेश और उनकी पत्नी नीता अंबानी को जान से मारने की धमकी मिली थी। वहीं उनके निवास एंटीलिया के पास पाए गए एक अन्य SUV के अंदर कुछ नंबर प्लेट्स भी मिली थी और ये नंबर प्लेट्स अंबानी की सुरक्षा में लगी गाड़ियों की नंबर प्लेट से भी मिलती जुलती पाई गई थी।






