कर्नाटक हाई कोर्ट को मिलेंगे 3 नए जज...जस्टिस सूर्यकांत की कॉलेजियम पीठ ने की सिफारिश; भेजे यह नाम

Karnataka High Court: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट के जज के रूप में तीन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की सिफारिश की।
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सुप्रीम कोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Karnataka High Court Judges Appointment: भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने मंगलवार को कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में तीन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की सिफारिश की।

शीर्ष अदालत के कॉलेजियम ने कहा कि 14 अप्रैल को हुई अपनी बैठक में उसने कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में न्यायिक अधिकारियों राजेश्वरी नारायण हेगड़े, केदंबाडी गणेश शांति और महादेवप्पा ब्रुंगेश की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को दी मंजूरी

बयान में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 14 अप्रैल 2026 को हुई अपनी बैठक में कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी है  राजेश्वरी नारायण हेगड़े,  केदंबाडी गणेश शांति, और  महादेवप्पा ब्रुंगेश। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम पर उच्च न्यायपालिका में नियुक्तियों और स्थानांतरण के लिए सिफारिशें करने की जिम्मेदारी है। हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर के अनुसार, नियुक्ति का प्रस्ताव संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा शुरू किया जाना चाहिए।

छह हफ्ते की प्रक्रिया

अगर मुख्यमंत्री किसी नाम की सिफारिश करना चाहते हैं तो उसे विचार के लिए मुख्य न्यायाधीश को भेजना होता है। राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर, अपनी सिफारिश पूरी फाइल के साथ केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री को भेजेंगे, और यह प्रक्रिया प्रस्ताव प्राप्त होने के छह सप्ताह के भीतर पूरी की जानी चाहिए। इसके बाद केंद्र सरकार उस प्रस्ताव की अन्य पृष्ठभूमि जानकारी के साथ समीक्षा करती है और उसे सीजेआई के पास भेजती है, जो सर्वोच्च न्यायालय के दो वरिष्ठतम न्यायाधीशों से परामर्श करते हैं और फिर अंतिम सिफारिश तय करते हैं।

नियुक्ति पर राष्ट्रपति की अंतिम मुहर

परामर्श के बाद, सीजेआई चार सप्ताह के अंदर अपनी सिफारिश केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री को भेजते हैं। मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर के अनुसार, जैसे ही राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाते हैं, विधि विभाग के सचिव इसकी सूचना मुख्य न्यायाधीश को देते हैं, और इसकी एक प्रति मुख्यमंत्री को भी भेजी जाती है। इसके बाद नियुक्ति की घोषणा की जाती है और भारत के राजपत्र में अधिसूचना जारी की जाती है।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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