Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

NCERT की 8वीं की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ पर भड़के CJI, कहा- ‘संस्था को बदनाम करने नहीं देंगे’

SC on NCERT Class 8 Book: एनसीईआरटी की 8वीं की किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' और जजों की कमी जैसे मुद्दे को शामिल करने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। CJI ने स्वतः संज्ञान के संकेत दिए हैं।

  • Written By: प्रतीक पांडेय
Updated On: Feb 25, 2026 | 12:47 PM

फोटो सोर्स- AI

Follow Us
Close
Follow Us:

CJI Surya Kant on NCERT: देश की शिक्षा व्यवस्था और न्यायपालिका के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की नई पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार पर टिप्पणी किए जाने से प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत बेहद नाराज हैं। उन्होंने इसे संस्था को बदनाम करने की एक सोची-समझी कोशिश करार दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी (NCERT) की कक्षा आठवीं की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका से जुड़ी नई सामग्री पर कड़ा रुख अपनाया है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी को भी न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं देंगे।
उन्होंने इसे एक “सुनियोजित और सोची-समझी कोशिश” बताते हुए संकेत दिया कि अदालत इस मामले में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेकर उचित कानूनी कार्रवाई करेगी। जस्टिस बागची ने भी इस पर चिंता जताते हुए इसे संविधान के बुनियादी ढांचे (Basic Structure) के खिलाफ बताया है।

एनसीईआरटी की किताब में क्या है विवादित?

विवाद का मूल कारण कक्षा आठ की नागरिक शास्त्र (Civics) की पुस्तक का नया अध्याय है, जिसका नाम ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ रखा गया है। इस चैप्टर में एक विशेष हिस्सा जोड़ा गया है जिसका शीर्षक है- “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार”। पुस्तक में यह पढ़ाया जा रहा है कि:

सम्बंधित ख़बरें

छत्रपति संभाजीनगर: बीड बायपास भूमि विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, राज्य सरकार और मनपा को नोटिस

‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर रोक से इनकार, सुप्रीम कोर्ट बोला- फिल्म के शीर्षक से किसी जाति का अपमान नहीं

संभाजीनगर में वन भूमि का बड़ा ऑडिट, अन्य विभागों से वसूला जाएगा जमीन का मूल्य; SC के आदेश के बाद शुरू सर्वे

बनभूलपुरा में बेघर होंगे 5 हजार परिवार, SC ने दिया बुलडोजर एक्शन का आदेश, बोला- रेलवे की जमीन खाली करो

• न्यायपालिका के विभिन्न स्तरों पर लोगों को भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है, जिससे गरीब तबके की न्याय तक पहुँच प्रभावित होती है।

• अदालतों में जजों की भारी कमी है और बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) काफी कमजोर है।

• न्यायिक ढांचा इतना जटिल है कि मामले सालों तक सुनवाई के इंतजार में लटके रहते हैं।

वरिष्ठ वकीलों ने भी जताई चिंता: बच्चों के मन पर असर

इस गंभीर मुद्दे को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत के संज्ञान में लाया। वकीलों का तर्क था कि स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को न्यायपालिका के प्रति इस तरह की नकारात्मक सामग्री पढ़ाया जाना बेहद चिंताजनक है, क्योंकि इससे उनके मन में न्याय प्रणाली के प्रति गलत संदेश जा सकता है। सिब्बल ने अदालत से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की, जिस पर सीजेआई ने बताया कि उन्हें इस विषय पर कई फोन और संदेश मिले हैं और वे स्थिति से पूरी तरह अवगत हैं।

आंकड़ों का खेल दिखाती किताब

एनसीईआरटी की यह नई पुस्तक देश भर की अदालतों में लंबित मामलों के डराने वाले आंकड़े पेश करती है। पुस्तक के अनुसार:

• भारत की अदालतों में कुल मिलाकर करीब 5 करोड़ केस पेंडिंग हैं।

• सुप्रीम कोर्ट में 81,000 मामले और उच्च न्यायालयों में 62.4 लाख मामले लंबित हैं।

• जिला और अधीनस्थ अदालतों में 4.7 करोड़ केस सुनवाई के इंतजार में हैं। अध्याय में यह तर्क दिया गया है कि इतने बड़े पैमाने पर पेंडिंग केस होने की मुख्य वजह जजों की संख्या में भारी कमी है।

जस्टिस बीआर गवई की टिप्पणी का भी जिक्र

दिलचस्प बात यह है कि इस विवादित चैप्टर में पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई की एक टिप्पणी को भी जगह दी गई है। उन्होंने कहा था कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और गलत व्यवहार के मामले चिंता बढ़ाने वाले हैं और इससे आम लोगों के बीच संस्था की छवि खराब होती है। पुस्तक में जजों के लिए ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ का भी जिक्र किया गया है।

यह भी पढ़ें: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का नागपुर दौरा, ट्रैफिक रूट में बड़ा बदलाव; घर से निकलने से पहले पढ़ें ये एडवाइजरी

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि इन विषयों को जिस तरह से स्कूली बच्चों के सामने पेश किया गया है, वह संस्था की विश्वसनीयता को चोट पहुंचाने वाला है।

Supreme court cji surya kant angry on ncert class 8 book judicial corruption material

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 25, 2026 | 12:47 PM

Topics:  

  • BR Gavai
  • CJI Surya Kant
  • NCERT
  • Supreme Court

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.