दिवाली से पहले दिल्ली में ग्रीन पटाखे फोड़ने की सुप्रीम कोर्ट ने दी परमीशन, जारी किए कुछ कड़े नियम

Supreme Court on Green Firecracker Ban: सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली 2025 पर दिल्ली-एनसीआर में केवल ग्रीन पटाखों की सीमित समय और दिनों के लिए अनुमति दी है, सख्त नियमों और निगरानी के निर्देश भी दिए हैं।
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Supreme Court Decision on Green Fire Crackers: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के निवासियों को दिवाली से ठीक पहले एक अहम आदेश जारी करते हुए बड़ी राहत दी है, लेकिन यह राहत कई सख्त शर्तों के साथ आई है। कोर्ट ने केवल NEERI (नेशनल एन्वायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की इजाजत दी है।

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब वायु प्रदूषण की बढ़ती चिंताओं के कारण दिल्ली में पटाखे चलाने पर पहले से प्रतिबंध लगा हुआ था। कोर्ट का यह आदेश पर्यावरणीय प्रदूषण को नियंत्रित करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जारी किया गया है।

केवल चार दिन मिली छूट, बाकी पटाखों पर बैन जारी

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन पटाखों को चलाने और बेचने की इजाजत केवल चार दिनों—18 से 21 अक्टूबर—तक के लिए ही है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अन्य प्रकार के पटाखों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। पीठ ने चेतावनी दी है कि इस अवधि के बाद इन पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध जारी रहेगा, और यदि नियमों का उल्लंघन होता है, तो निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिक्री और प्रमाणिकता के कड़े मानक

ग्रीन पटाखों की बिक्री के संबंध में कोर्ट ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ग्रीन पटाखों की बिक्री केवल प्रमाणित कंपनियों द्वारा निर्धारित स्थानों से ही की जा सकती है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए और प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए, सभी ग्रीन पटाखों पर QR कोड अनिवार्य होगा, ताकि उपभोक्ता उनकी सत्यता की जांच कर सकें।

पटाखे फोड़ने के लिए समय सीमा निर्धारित

पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने पटाखे फोड़ने के लिए भी सख्त समय सीमा निर्धारित कर दी है। अब ग्रीन पटाखों को केवल दो समय स्लॉट में ही फोड़ा जा सकेगा:--

  1. सुबह 6 बजे से 8 बजे तक।
  2. शाम 8 बजे से 10 बजे तक।

कोर्ट ने इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं। पुलिस और प्रशासन को निगरानी दल गठित करने का निर्देश दिया गया है। इन दलों का मुख्य उद्देश्य ग्रीन पटाखों के निर्माण और बिक्री पर कड़ी निगरानी रखना होगा। इस आदेश के बाद, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि प्रदूषण को नियंत्रित रखा जा सके।

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