Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

मनचलों से भिड़ने वाली भिंड की बिंदास लड़की ऐसे बनी साध्वी,जानें प्रज्ञा की कहानी

NIA कोर्ट ने 2008 के मालेगांव ब्लास्ट के मामले में सबूतों के अभाव में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया। इस केस के चलते प्रज्ञा ठाकुर को कई कठोर यातनाएं झेलनी पड़ी।

  • Written By: सौरभ शर्मा
Updated On: Jul 31, 2025 | 04:37 PM

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (फोटो- सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Sadhvi Pragya Thakur: 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट में एनआईए कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित अन्य सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया है। इस केस के चलते साध्वी प्रज्ञा लंबे समय तक जेल में रहीं और खुद पर वर्षों तक आतंकवाद का कलंक भी झेलना पड़ा। संघर्ष के इन दिनों में वह कैंसर से भी पीड़ित हुईं और इस लाइलाज मानी जाने वाली बीमारी पर उन्होंने जीत हासिल की। भोपाल से लोकसभा सांसद रहीं 55 वर्षीय प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बचपन मध्य प्रदेश के भिंड की गलियों में बीता।

छोटे बालों वाली, जींस और टी-शर्ट पहने एक लड़की, अपनी बहन के साथ बाइक पर सवार होकर भिंड की गलियों में मनचलों को सबक सिखाने निकल पड़ती थी, जो बाद में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के नाम से पूरे देश में मशहूर हो गईं। प्रज्ञा ठाकुर छोटी उम्र से ही हिंदुत्व के विचारों के प्रचार-प्रसार में समर्पित रही है क्योंकि उनके पिता जी भी हिंदू विचारधार वाले एक संस्थान के साथ जुड़े रहे हैं। बता दें प्रज्ञा ठाकुर शुरूआत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सदस्य बनीं और बाद में विश्व हिंदू परिषद की दुर्गा वाहिनी में भी शामिल हुईं।

1970 में जन्मी प्रज्ञा के पिता RSS के साथ जुडे़ रहे

2 फरवरी 1970 को जन्मी प्रज्ञा के पिता चंद्रपाल सिंह भिंड शहर के एक प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य थे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने 1996 में एमजेएस कॉलेज से एमए किया। इसके बाद उन्होंने भोपाल के विद्यानिकेतन कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन से बीपीएड की डिग्री भी ली।

सम्बंधित ख़बरें

अजय देवगन ने ‘शतक’ में भरी जान, RSS के 100 साल पर खुलेंगे अनकहे राज, जानिए कब रिलीज होगी फिल्म

हर्षवर्धन सपकाल की जीभ काटने पर 10 लाख का इनाम, टीपू सुल्तान विवाद पर महाराष्ट्र में बवाल

संघर्ष समिति का आरोप: मालेगांव मनपा के प्रशासकीय कार्यकाल पर श्वेतपत्र की मांग

हर्षवर्धन सपकाल के टीपू सुल्तान वाले बयान से बढ़ा विवाद, सीएम देवेंद्र फडणवीस का तीखा पलटवार

2002 में उन्होंने ‘जय वंदे मातरम जन कल्याण समिति’ का भी गठन किया। उनके पिता ने एक बार एक समाचार पत्रिका को दिए साक्षात्कार में बताया था कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर इस संगठन के माध्यम से उन लड़कियों की बरामदगी का काम करती थीं जिन्हें दूसरे समुदाय के लड़के भगा ले जाते थे।

स्वामी अवधेशानंद गिरि के प्रभाव से बनी साध्वी

स्वामी अवधेशानंद गिरि से प्रभावित होकर प्रज्ञा ठाकुर साध्वी बनीं। बाद में उन्होंने इंदौर में राष्ट्रीय जागरण मंच की स्थापना की। इसके कार्यों के सिलसिले में वह देश के विभिन्न हिस्सों में जाती रहती थीं। इसी दौरान, 2008 में महाराष्ट्र एटीएस द्वारा उन्हें गिरफ्तार किए जाने पर उनका नाम अचानक पूरे देश में गूंज उठा। मालेगांव विस्फोट में दावा किया गया था कि आतंकवादी घटना में शामिल बाइक साध्वी प्रज्ञा सिंह के नाम पर पंजीकृत थी।

मालेगांव विस्फोट में गिरफ्तारी से बरी होने तक 17 साल बीत गए

मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास 29 सितंबर 2008 को एक मोटर साइकिल में लगे विस्फोटक के फटने की वजह से 6 लोगों की मौत हो गई और लगभग सैकड़ों लोग इसमें घायल हुए थे। लेकिन अब अदालत ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि यह साबित नहीं हुआ है कि विस्फोट में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल ठाकुर के नाम पर पंजीकृत थी, जैसा कि अभियोजन पक्ष ने दावा किया था। उन्होंने कहा कि यह भी साबित नहीं हुआ है कि विस्फोट कथित तौर पर मोटरसाइकिल पर लगाए गए बम से हुआ था। इस बीच, वह 17 साल तक आतंकवाद का कलंक झेलती रहीं।

2019 में भोपाल से सांसद बनीं

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मालेगांव विस्फोट केस में बॉम्बे हाईकोर्ट से 24 अप्रैल 2017 को जमानत मिली थी। फिर वे 17 अप्रैल 2019 को औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हुईं। पार्टी ने उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव में भोपाल शीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को इस शीट से बडे भारी अंतरो के साथ हराया और जिसके बाद वे पहली बार लोकसभा पहुचीं। जिसके बाद लोकसभा सदस्य रहते हुए उनके कई ऐसे बयान सामने आएं जहां पार्टी और पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनसे खासा नाराज रहा। हालांकि, पार्टी ने उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया।

यह भी पढ़ें: न हिंदू आतंकवाद होता, न मुस्लिम…मालेगांव ब्लास्ट के फैसले के बाद पलटे दिग्विजय

किन विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहीं प्रज्ञा

साध्वी प्रज्ञा सिंह अपने विवादास्पद बयानों के कारण कई बार चर्चा में रही हैं। लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था। इस वजह से भाजपा की काफी आलोचना हुई थी और भाजपा नेतृत्व नाराज हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि प्रज्ञा ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है, लेकिन वे स्वंय उन्हें दिल से कभी माफ नहीं कर पाएंगे।

Story of pragya thakur a girl from bhind how became a sadhvi abvb to rss

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 31, 2025 | 04:37 PM

Topics:  

  • BJP Leader
  • Malegaon
  • RSS

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.