तिरुपति में मौत का टोकन...हर तरफ चीख पुकार, बालाजी मंदिर हादसे की दर्दनाक कहानी

Tirupati Bala ji Mandir: तिरुपति मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई, इस दौरान छह भक्तों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हो गए। आइए बताते हैं कि ये घटना कैसे हुई और क्या है हादसे की पूरी कहनी?  
तिरुपति में मौत का टोकन...हर तरफ चीख पुकार, बालाजी मंदिर हादसे की दर्दनाक कहानी
तिरुपति में मौत का टोकन...हर तरफ चीख पुकार, बालाजी मंदिर हादसे की दर्दनाक कहानी
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नवभारत डेस्क: बुधवार की शाम तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर के लिए वैकुंठ द्वार सर्व दर्शन टोकन के लिए लोग लाइन में लगे थे। लेकिन उन्हें तनिक भी अंदेशा नहीं था कि ये टोकन उनकी मौत का टोकन साबित होगा। टोकन जारी करने के दौरान अचानक भगदड़ मच गई, इस दौरान छह भक्तों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हो गए। आइए बताते हैं कि ये घटना कैसे हुई और क्या है हादसे की पूरी कहनी?

यह अराजकता रात करीब 8 बजे तब फैल गई जब तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के अधिकारियों ने विष्णु निवासम, श्रीनिवासम और पद्मावती पार्क सहित विभिन्न केंद्रों पर टोकन वितरित करना शुरू किया।

भगदड़ में 6 की मौत

बता दें कि दो स्थानों पर भगदड़ तब हुई जब एक अस्वस्थ भक्त को कतार से बाहर निकलने की अनुमति देने के लिए द्वार खोले गए। भक्त, जिनमें से कई सुबह से ही इंतजार कर रहे थे, आगे बढ़ गए, जिससे गंभीर भीड़ और अव्यवस्था हो गई। इस दौरान भगदड़ में 6 लोग की मौत हो गई है, वहीं अन्य का इलाज चल रहा है।

क्या है हादसे की पूरी कहानी?

तमिलनाडु के सेलम की एक भक्त मल्लिका की मंदिर शहर के रुइया अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। रुइया अस्पताल में इलाज के दौरान तीन अन्य की मौत हो गई हजारों लोग घंटों इंतजार करते हुए टोकन लेने के लिए दौड़ पड़े।”

पद्मावती पार्क में एक अन्य भक्त ने टोकन वितरण प्रक्रिया की आलोचना की। एक जीवित बचे व्यक्ति ने कहा, “यह त्रासदी टाली जा सकती थी यदि कोविड के वर्षों के बाद इस प्रणाली का पालन किया गया होता।” वैकुंठ द्वार सर्व दर्शन भक्तों के लिए एक प्रमुख आयोजन है, जिसमें विशेष दर्शन के लिए स्वर्ग (वैकुंठ) के दिव्य द्वारों की झलक पाने की मान्यता है।

हर साल आते हैं लाखों लोग

इस आयोजन में लाखों भक्त आते हैं, खासकर वैकुंठ एकादशी उत्सव के दौरान, जब भीड़ 2-3 लाख से अधिक हो सकती है। टीटीडी ने 10, 11 और 12 जनवरी को निर्धारित वैकुंठ द्वार सर्व दर्शन के लिए नौ केंद्रों में 94 काउंटरों के माध्यम से टोकन वितरित करने की योजना बनाई थी।

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