‘मैं जहां भी जाती हूं खुफिया एजेंसियां पीछा करती हैं’, सोनम वांगचुक की पत्नी ने SC में लगाई गुहार
Ladakh के सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में IB और पुलिस के सर्विलांस पर हलफनामा दिया है। उन्होंने इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। जानिए उन्होंने क्या कहा।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
सोनम वांगचुक की पत्नी ने SC में लगाई गुहार, फोटो- सोशल मीडिया
Sonam Wangchuk wife Geetanjali Angmo: लद्दाख के सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। उन्होंने दावा किया कि आईबी और पुलिस उनकी हर गतिविधि पर लगातार नजर रख रहे हैं, जिससे उनके निजता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
लद्दाख के सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट (SC) में दाखिल अपने हलफनामे में यह दावा किया है कि उनके पीछे लगातार इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का सर्विलांस लगा हुआ है। उन्होंने कहा है कि इस निगरानी के चलते उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। गीतांजलि आंगमो ने कोर्ट को बताया कि “मैं जहां भी जाती हूं खुफिया एजेंसियों के अधिकारी मेरा पीछा करते हैं।”
गीतांजलि आंगमो ने क्या कहा?
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में सितंबर से ही उन पर निगरानी यानी सर्विलांस रखा जा रहा था। यहां तक कि जब उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, तब भी वह खुफिया निगाहों में थीं। गीतांजलि ने हलफनामे में आगे कहा कि जब वह जोधपुर के केंद्रीय कारागार में अपने पति सोनम वांगचुक से मिलने गईं, तब भी राजस्थान पुलिस और आईबी की टीम ने उनका पीछा किया। जोधपुर में उनकी यात्रा और पति से मुलाकात भी अधिकारियों की कड़ी निगरानी में हुई।
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यह सर्विलांस मूल अधिकारों का हनन है: गीतांजलि
उन्होंने मुलाकात का विवरण देते हुए बताया कि 7 अक्टूबर और 11 अक्टूबर को जब वह अपने पति से मिलने जोधपुर हवाई अड्डे पहुंचीं, तो उन्हें तुरंत पुलिस वाहन में बिठा लिया गया। जेल के अंदर वांगचुक से मुलाकात के दौरान, एक अधिकारी (डीसीपी मंगलेश) और एक महिला कांस्टेबल पास में मौजूद रहे। आंगमो ने बताया कि इन अधिकारियों ने उनकी बातचीत के नोट्स भी बनाए।
आंगमो का कहना है कि उन्हें जोधपुर में कहीं और जाने या किसी और से मिलने की छूट नहीं दी गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का यह सर्विलांस उनके मूल अधिकारों का हनन है। निजता के अधिकार के तहत, उनकी और सोनम वांगचुक की बातचीत को कोई और नहीं सुन सकता।
सोनम वांगचुक पहले से ही विवादों में हैं
उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस की यह हरकत संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनका कहना है कि एक नागरिक के रूप में, उन्हें बिना किसी प्रतिबंध के अपने पति से मिलने और जोधपुर जाने का पूरा अधिकार है, और उनकी आवाजाही पर कोई रोक नहीं लगाई जानी चाहिए।
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उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट सोनम वांगचुक मामले में एक्शन में है। कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र सरकार से सवाल पूछे हैं और नोटिस भी जारी किया है।
